MP News: मध्य प्रदेश के बैतूल जिला अस्पताल में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है।
MP News: मध्य प्रदेश के बैतूल जिला अस्पताल में प्रसव के बाद एक नवजात की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही और अमानवीय व्यवहार के आरोप लगाए हैं। घटना 20 फरवरी देर रात की है। मामले में परिजनों ने मंगलवार जनसुनवाई में कलेक्टर से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम साकादेही निवासी पूजा यादव को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में भर्ती कराया था।
पति योगेश यादव के अनुसार, रात करीब ढाई बजे पत्नी तेज दर्द से तड़प रही थी, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद नर्स और स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया। जब नर्स को जगाया तो वह नाराज हो गई और प्रसूता के पेट पर हाथ से दबाव डाला। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान अभद्र टिप्पणी भी की गई। कुछ घंटे बाद नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिवार का कहना है कि प्रसव के दौरान पेट पर दबाव डालने से गर्भस्थ शिशु की जान गई। घटना के बाद से प्रसूता की मानसिक स्थिति भी बिगड़ गई है और वह गहरे सदमे में है।
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। मामले की शिकायत परिजनों ने कलेक्टर से जनसुनवाई में करते हुए कार्रवाई की मांग की है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. जगदीश घोरे ने बताया मामले की जांच करने डॉ. रंजीत राठौर, डॉ. आशीष ठाकुर और डॉ. ईशा डेनियल की टीम गठित की है। ड्यूटी पर तैनात एक स्टाफ नर्स और दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
जिला अस्पताल में प्रसूता और नवजात की मौत का यह पहला मामला नहीं है। हर बार किसी घटना के बाद जांच टीम गठित कर दी जाती है, लेकिन रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और न ही जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है। 15 नवंबर 2025 को चोपना थाना क्षेत्र के इमलीखेड़ा निवासी एक प्रसूता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रभारी मंत्री स्वयं जिला अस्पताल पहुंचे थे और जांच व कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अस्पताल में प्रसव और ऑपरेशन के नाम पर पैसे लेने के आरोप भी कई बार लग चुके हैं।