
चुराचांदपुर। मणिपुर के चुराचांदपुर जिले में वायरल फ्लू और अन्य संक्रामक बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए चुराचांदपुर डिस्ट्रिक्ट प्राइवेट स्कूल्स एंड कॉलेज्स एसोसिएशन ने जिले के सदस्य निजी स्कूलों को 26 से 30 अगस्त तक अस्थाई रूप से बंद रखने पर विचार करने की सलाह दी है। एसोसिएशन की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार जिले में छात्रों और शिक्षकों के बीच वायरल फ्लू तथा त्वचा संबंधी संक्रामक बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं।
इस मुद्दे पर छात्र संगठनों की संयुक्त अपील के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी की टीम, छात्र संगठनों और एसोसिएशन के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक हुई। बैठक में जिले की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि कई स्कूलों में छात्र और शिक्षक इन बीमारियों से प्रभावित हुए हैं और संक्रमण अपेक्षाकृत तेजी से फैल रहा है। हालांकि एडवाइजरी में कहा गया है कि वायरल फ्लू और त्वचा संबंधी अधिकांश बीमारियां सामान्यतः अपने आप ठीक हो जाती हैं और घबराने की जरूरत नहीं है। इसके बावजूद इनके तेजी से फैलने की संभावना को देखते हुए एहतियाती कदम उठाना जरूरी है।
एसोसिएशन ने कहा कि छात्रों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूल प्रबंधन 26 से 30 अगस्त तक स्कूल अस्थाई रूप से बंद रखने का निर्णय ले सकते हैं। इससे संक्रमण का प्रसार कम करने, संक्रमित छात्रों और शिक्षकों को स्वस्थ होने का समय देने तथा संक्रमण की श्रृंखला तोड़ने में मदद मिल सकती है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि यह कोई अनिवार्य आदेश नहीं, बल्कि एहतियाती सलाह है। प्रत्येक स्कूल प्रबंधन को अपने यहां संक्रमण की स्थिति, छात्रों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य, चल रही परीक्षाओं, मूल्यांकन तथा अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों को ध्यान में रखते हुए स्वयं निर्णय लेने के लिए कहा गया है।
एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि जो स्कूल खुले रहेंगे, वे अतिरिक्त सतर्कता बरतें। स्कूलों को भीड़भाड़ कम करने, बड़ी सभाओं से बचने, स्वच्छता और सैनिटेशन व्यवस्था मजबूत करने, जहां संभव हो शारीरिक दूरी बनाए रखने तथा बीमार छात्रों और कर्मचारियों को घर पर रहने के लिए प्रोत्साहित करने की सलाह दी गई है। एसोसिएशन ने कहा कि यह एडवाइजरी पूरी तरह एहतियाती और निवारक कदम के रूप में जारी की गई है, ताकि छात्रों, शिक्षकों और पूरे स्कूल समुदाय के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।