
जबालिया रिफ्यूजी कैंप पर इज़रायल ने किया हमला (Photo - Washington Post)
गाज़ा (Gaza) और आसपास के इलाकों पर इज़रायल (Israel) के हमले अभी भी जारी हैं। इज़रायल साफ कर चुका है कि आतंकी संगठन हमास (Hamas) को खत्म करना ज़रूरी है और इसी वजह से उसकी सैन्य कार्रवाई जारी है। हालांकि इज़रायली सेना के हमलों में कई निर्दोष लोग भी मारे जा रहे हैं। अब इज़रायली सेना ने जबालिया (Jabalia) में एक रिफ्यूजी कैंप पर ड्रोन अटैक कर दिया जिससे हाहाकार मच गया।
जबालिया में रिफ्यूजी कैंप पर इज़रायली सेना द्वारा किए ड्रोन अटैक में 3 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई। ड्रोन जबालिया रिफ्यूजी कैंप के उत्तरी हिस्से में एक स्कूल के पीछे बने घर पर हुआ, जिससे जोर का धमाका हुआ और भगदड़ मच गई।
इज़रायली सेना के इस ड्रोन अटैक में जबालिया रिफ्यूजी कैंप के कई लोग घायल हो गए। घायलों को अल-शिफा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
कुछ समय पहले इज़रायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान अपने संबोधन के दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि इज़रायल के अस्तित्व से कोई समझौता नहीं हो सकता। अपनी सुरक्षा के लिए इज़रायल जो ज़रूरी होगा, वो करेगा। चाहे कोई समझौता हो या न हो।
इज़रायल हमास को खत्म करने के लिए सैन्य कार्रवाई कर रहा है, लेकिन साफ कर चुका है कि अगर हमास हथियार डाल दे तो युद्ध खत्म हो सकता है। 7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़रायल पर किए गए घातक हमले के बाद इजरायली सेना ने गाज़ा में सैन्य अभियान शुरू किया। इज़रायल का मानना है कि हमास की सैन्य क्षमता को खत्म किए बिना देश की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती। हमास के पास कई रॉकेट्स, भूमिगत सुरंगें (टनल नेटवर्क), हथियार भंडार और प्रशिक्षित आतंकी हैं, जिन्हें इज़रायल पूरी तरह खत्म करना चाहता है।
अभी तक की सैन्य कार्रवाई में इज़रायल ने हमास की सैन्य क्षमता को काफी हद तक खत्म कर दिया है, लेकिन इसका पूरी तरह अंत नहीं हुआ है। नेतन्याहू साफ कर चुके हैं कि गाज़ा से उनकी सेना तब तक नहीं हटेगी जब तक हमास अपने हथियार नहीं डाल दे और गाज़ा के शासन से पूरी तरह हट नहीं जाए। नेतन्याहू कह चुके हैं कि हमास का निरस्त्रीकरण युद्ध को पूरी तरह से खत्म करने के लिए बेहद ज़रूरी है जिससे भविष्य में कभी भी इज़रायल पर 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमले जैसा कोई भी हमला न हो और इज़रायल पर किसी तरह का कोई खतरा न रहे।
Updated on:
25 Aug 2026 10:59 pm
Published on:
25 Aug 2026 10:46 pm
