
राजस्थान के डीग जिले में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी और असंतोष एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। डीग जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राजीव सिंह द्वारा जारी की गई निकाय चुनाव के वार्ड प्रभारियों की सूची को लेकर भारी राजनीतिक बवाल मच गया है। इस सूची में प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, क्षेत्रीय सांसद संजना जाटव, जिला प्रभारी देशराज मीणा और सह-प्रभारी हिम्मत सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नाम तो पूरे मान-सम्मान के साथ शामिल किए गए, लेकिन राज्य सरकार में दो बार कैबिनेट मंत्री रह चुके और भरतपुर राजघराने के वरिष्ठ नेता विश्वेंद्र सिंह का नाम गायब कर दिया गया।
इधर, नाम के स्थान पर केवल 'कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर' लिखे जाने से नाराज पूर्व मंत्री ने अपनी ही पार्टी के जिलाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
गौरतलब है कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील माने जाने वाले मेवात और भरतपुर-डीग अंचल में निकाय चुनाव से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने संगठन की तैयारियों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाध्यक्ष और इस निर्णय के पीछे शामिल लोगों को चेतावनी दी है।
पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने डीग जिलाध्यक्ष राजीव सिंह द्वारा प्रेषित सूची की प्रतिलिपि पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने लिखा कि पार्टी के भीतर एक सोची-समझी साजिश के तहत वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों को नीचा दिखाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा, 'डीग कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजीव सिंह द्वारा आगामी निकाय चुनावों के लिए प्रभारियों की सूची जारी की गई है, जिसकी प्रतिलिपि को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। उसमें मेरा नाम ना लिखकर सिर्फ 'कांग्रेस प्रत्याशी विधानसभा डीग-कुम्हेर' लिखकर अपनी जिस ओछी मानसिकता का परिचय दिया गया है, उसकी मैं घोर निंदा करता हूं।'
पूर्व मंत्री ने आगे लिखा, 'मैं अपने राजनीतिक जीवन में 1 बार जिला प्रमुख, 3 बार MP, 3 बार MLA और 2 बार कैबिनेट मंत्री रहने के बावजूद इस तरह का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता।'
विश्वेंद्र सिंह ने लिखा, 'राजीव सिंह द्वारा जिस ओछी मानसिकता का परिचय दिया गया है, उसका असर आगामी निकाय चुनावों में कांग्रेस पार्टी को भुगतना पड़ सकता है और इस षडयंत्र में जो भी लोग शामिल हैं, उनको जनता जनार्दन मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है।'
डीग जिले के गठन और निकाय चुनाव की सुगबुगाहट के बीच भरतपुर-डीग के स्थानीय संगठन में लंबे समय से दो फाड़ की स्थिति बनी हुई है। विश्वेंद्र सिंह इससे पहले भी जिला स्तर पर संगठन के निष्क्रिय रहने और राहुल गांधी के कार्यक्रमों का आयोजन न करने को लेकर स्थानीय जिला नेतृत्व की आलोचना कर चुके हैं।
जारी की गई सूची में पीसीसी चीफ, सांसद और जिला प्रभारियों के नाम शामिल हैं, जबकि पूर्व मंत्री को केवल 'पूर्व प्रत्याशी' के रूप में चिन्हित करना विवाद की मुख्य वजह बना। डीग और कुम्हेर नगर पालिकाओं व नगर परिषदों में कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ते इस असंतोष का सीधा प्रभाव पार्टी के चुनावी प्रदर्शन पर पड़ने की संभावना है।
स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि शीर्ष नेतृत्व ने समय रहते डीग के इस अंतरकलह को शांत नहीं किया, तो आगामी स्थानीय निकायों के चुनाव में पार्टी को भारी राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।