49 लाख रुपए शुरुआत बजट के साथ विवि कार्यक्रम का आगाज नवंबर के आखिरी तक कर देगा।
Bhilai . छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय अब युवाओं को रोजगार के साथ जोडऩे में मदद करेगा। शुरुआत बस्तर संभाग से होगी, जहां विवि 1600 युवाओं को हुनरमंद बनाने ट्रेनिंग देगा। इसमें ८वीं पास से लेकर स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल कर चुके युवा शामिल होंगे। यही नहीं ट्रेनिंग के बाद विवि उनके रोजगार का इंतजाम भी कराएगा। विवि ने इसके लिए 8 ट्रेनिंग सेंटर तैयार कर लिए हैं। विवि के आला अधिकारियों ने बस्तर संभाग के इच्छुक युवाओं की सूची के लिए जिला कलक्टरों को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है।
सबसे खास बात यह है कि विवि के इस प्रयास में उद्योग भी सहभागी बनेंगे। कंपनियों की सामाजिक उत्तरदायित्व शाखा (सीएसआर) ने विवि को आर्थिक सहयोग के लिए हामी भर दी है। 49 लाख रुपए शुरुआत बजट के साथ विवि कार्यक्रम का आगाज नवंबर के आखिरी तक कर देगा।
परीक्षा के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट
विवि के इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं को तकनीकी विवि का प्रमाण पत्र दिया जाएगा, जिसकी वैल्यू देश भर में रहेगी। इसके साथ ही सीएसवीटीयू पहला होगा जो इस तरह का रोजगारमुखी कार्यक्रम चलाएगा। कुलपति डॉ.एमके वर्मा ने बताया कि इस ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट कार्यक्रम में १० लाख युवाओं को ४ साल में काबिल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बस्तर के बाद कारवां सरगुजा और बिलासपुर संभाग की ओर बढ़ेगा।
किस तरह के होंगे कोर्स
इस ट्रेनिंग कार्यक्रम में विवि क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से ही कोर्स डिजाइन करेगा। क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार देने शुुरुआत में कंप्यूटर के सॉफ्टवेयर से जुड़े कोर्स शुरू होंगे। उद्योग व बाजार की जरूरत को ध्यान में देखते हुए कोर्स बनेंगे। ८वीं स्तर को ध्यान में रखकर एक से तीन महीने और स्नातक स्तर के लिए विशेष डिमांड वाले कोर्स होंगे।
युवाओं को रोजगार के काबिल बनाने विवि सीएसआर मदों की सहयोग से ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू करेगा। बस्तर संभाग से शुरुआत होगी। बस्तर में ८ केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
डॉ. एमके वर्मा, कुलपति, सीएसवीटीयू