
कोदूकोटा (भीलवाड़ा). शहर के निकट सुवाणा में शुक्रवार दोपहर सरपंच चुनाव की सुगबुगाहट ने ऐसा फैमिली ड्रामा और राजनीतिक भूचाल खड़ा किया कि हर कोई हैरान रह गया। चुनाव मैदान में ताल ठोकने की चाह और पारिवारिक खींचतान ने मिलकर एक ऐसी फिल्मी पटकथा लिख डाली, जिसमें गुमशुदगी के आरोपों से लेकर पानी की टंकी पर हाई-वोल्टेज ड्रामा तक सब कुछ देखने को मिला।
दरअसल, सुवाणा निवासी अलोल देवी जाट गुरुवार रात अचानक घर से नदारद हो गई। शुक्रवार सुबह जब सुवाणा में सरपंच पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का दौर शुरू हुआ, तो छोटा बेटा रामप्रसाद उस वक्त सन्न रह गया जब उसे पता चला कि उसकी मां के नाम से किसी ने सरपंच पद का पर्चा दाखिल कर दिया। उसने तुरंत सदर थाने में मां की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई और आरोप लगाया कि उसकी मां का अपहरण कर लिया है। मां के गायब होने और बिना सहमति के फर्जी नामांकन का आरोप लगाते हुए रामप्रसाद कस्बे में जलदाय विभाग की उच्च क्षमता वाली पानी की टंकी पर जा चढ़ गया। रामप्रसाद ने साफ कह दिया कि जब तक उसकी मां का फर्जी नामांकन रद्द नहीं किया जाता, वह नीचे नहीं उतरेगा।
सदर थाना प्रभारी प्रहलाद सहाय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। गांव के प्रबुद्धजनों और गणमान्य नागरिकों को साथ लेकर पुलिस ने मोर्चा संभाला। करीब एक घंटे मशक्कत और सूझबूझ के बाद आखिरकार रामप्रसाद को टंकी से नीचे उतारा। पुलिस ने हालात की नजाकत को भांपते हुए प्रबुद्धजनों के विरोध के चलते रामप्रसाद को हिरासत में लेने के बजाए समझाइश कर पाबंद कर छोड़ दिया। पुलिस मामले की तह तक गई तो अपहरण की कहानी सामने नहीं आई बल्कि मामला सियासत और पारिवारिक रणनीति का था।
जांच में पता चला कि अलोल देवी खुद अपने बड़े बेटे नारायण जाट के साथ खुशी-खुशी रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष पहुंची थीं और अपना नामांकन दाखिल किया था। पर्चा भरने के ठीक बाद वह बड़े बेटे के साथ जोगणिया माता के दर्शन के लिए चली गई। इसके चलते छोटे बेटे रामप्रसाद को उनकी मौजूदगी की भनक नहीं लगी। गौरतलब है कि सरपंच चुनाव को लेकर अलोल देवी जाट नामांकन एक उम्मीदरवार ने भी राजनैतिक दल के समर्थन मिलने के बाद नामांकन पत्र दाखिल किया था। उधर, रामप्रसाद का तर्क था कि उसकी मां गुरुवार रात से लापता है। उसके बड़े भाई की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। वे इस चुनाव में मां को नहीं उतारना चाहता था, लेकिन किसी ने उसका फर्जी नामांकन पत्र भरा नामांकन रद्द होना चाहिए।