भीलवाड़ा

भीलवाड़ा में ऐसा घर, जिसकी तोते वाले मकान के रूप में पहचान

आरसी व्यास निवासी बिड़ला का पक्षी प्रेम अनूठा, छत पर सुबह-शाम दाना-पानी को लगता डेरा
less than 1 minute read
Feb 06, 2024
भीलवाड़ा में ऐसा घर, जिसकी तोते वाले मकान के रूप में पहचान
भीलवाड़ा में ऐसा घर, जिसकी तोते वाले मकान के रूप में पहचान

भीलवाड़ा शहर की आरसी व्यास कॉलोनी में एक घर ऐसा है, जिसकी पहचान उसमें रहने वाले लोगों के साथ ही तोतों के अड्डे के रूप में है। यहां सुबह-शाम 500 से अधिक तोते दाना-पानी को आते हैं। इस घर के बाहर आने वाली हर गाय को गुड़-रोटी दी जाती है। श्वानों को भी खाना हर समय उपलब्ध मिलता है।

आरसी व्यास निवासी श्याम बिड़ला की सुबह की शुरुआत तोतों को दाना देने से होती है। शहर के निजी चिकित्सालय में प्रबंधन का काम देख रहे बिरला के घर की छत पर हर दिन सूरज की पहली किरण के साथ ही करीब 500 तोते आ बैठते हैं।

बिरला ने बताया कि भीलवाड़ा शहर में कोरोना ने दस्तक दी तो सभी घरों में कैद हो थे। मकान के सामने पेड़ पर सैकड़ों तोते व अन्य पक्षी बैठे रहते थे। एक दिन सोचा कि इनको दाना डालना चाहिए। फिर पलंग लगा रोजाना दाना डालने लगे। परिंडे रख दिए। शुरू में 10 से 15 तोते आए। फिर संख्या बढ़ती गई और अब 500 पार कर गई। तोतों के साथ कबूतर, कोयल, चिडि़यां, गिलहरी आदि भी आने लगे। मजेदार बात है कि तोतों की आवाज सुनने कई लोग सुबह-शाम बिड़ला के घर के सामने िस्थत पार्क में आते हैं।

शुरू में घर के अन्य सदस्यों को यह अजीब लगा लेकिन फिर वे साथ देने लगे। बिरला की पत्नी मानसी पक्षियों से लगाव रखने लगी। शाम को दाने व पानी का जिम्मा संभाल लिया। बिरला बताते हैं कि प्रतिदिन 7 से 8 किलो चावल की कनी देते हैं। गर्मी में खास ध्यान रखते हैं। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखते हैं। बिरला ने इनकी निगरानी के लिए घर में सीसीटीवी कैमरा भी लगवाया है।

Updated on:
06 Feb 2024 07:24 pm
Published on:
06 Feb 2024 07:24 pm