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Re-NEET Result: मां कोरोना से बची तो साइंटिस्ट बनने का सपना छोड़कर डॉक्टर बनने का लिया फैसला, पहले प्रयास में मिली सफलता

भीलवाड़ा की कनिष्का कुमावत और जहाजपुर के बुरहान देशवाली ने री-नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। कनिष्का ने मां की बीमारी के दौरान डॉक्टर बनने का संकल्प लिया और पहले प्रयास में MBBS के लिए चयनित हुईं।
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Kanishka In RE Neet Result 2026

कनिष्का कुमावत की फोटो: पत्रिका

Re-NEET Result 2026 Success Story: भीलवाड़ा के एमएलवी कॉलेज में प्रोफेसर डॉ. नेमीचंद कुमावत की पुत्री कनिष्का कुमावत ने अपने पहले ही प्रयास में मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता का परचम लहराया। कनिष्का ने 720 में से 585 अंक हासिल कर MBBS के लिए अपना चयन पक्का कर लिया है। कनिष्का की सफलता के पीछे एक भावुक प्रेरणा जुड़ी है। कनिष्का ने बताया कि वह बचपन से एक वैज्ञानिक बनना चाहती थीं लेकिन कोविड महामारी के भयावह दौर में उनकी मां भी कोरोना की चपेट में आ गई थीं। उस कठिन समय में कनिष्का और उनकी बहन ने मां की देखभाल की और उनकी जान बचाई। उसी दौरान कनिष्का ने यह संकल्प लिया कि वह डॉक्टर बनकर अपना जीवन मानव सेवा में समर्पित करेंगी। आज उनका वह सपना साकार होने जा रहा है।

शुरू से ही रही हैं मेधावी

सुगनाराम धनेरिया की पौत्री कनिष्का पढ़ाई में हमेशा से होनहार रही। कनिष्का ने दसवीं की परीक्षा 97.2 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण कर विद्यालय में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। वहीं, 12वीं (विज्ञान-बायो) में 94 प्रतिशत अंक हासिल कर स्कूल में तीसरा स्थान प्राप्त किया। कनिष्का ने सफलता का श्रेय माता-पिता के अटूट विश्वास को दिया।

बिना घर आए 2 साल कोटा में की तपस्या, री-नीट में हासिल की 755वीं रैंक

भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर कस्बे के रहने वाले 17 वर्षीय छात्र बुरहान देशवाली ने प्रतिभा का परचम लहराया। व्यवसायी परिवार से ताल्लुक रखने वाले बुरहान पुत्र इस्लाम देशवाली, माता- शबनम ने एक ही वर्ष 2026 में देश की तीन प्रमुख और कठिनतम परीक्षाओं में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है।

बुरहान ने 3 मई 2026 को आयोजित नीट परीक्षा में एनटीए की आंसर की के अनुसार 100 परसेंटाइल के साथ 720 में से 720 अंक हासिल किए। परिवार के सदस्यों का दावा है कि उनकी ऑल इंडिया रैंक प्रथम आनी तय थी। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द हुई तो मानसिक दबाव के बावजूद बुरहान ने चुनौती को स्वीकार किया। री-नीट 2026 परीक्षा में उन्होंने 99.9 परसेंटाइल के साथ 720 में से 664 अंक हासिल किए और ऑल इंडिया रैंक 755 केटेगरी रैंक 225 प्राप्त की। नीट में झंडे गाड़ने के साथ बुरहान ने अन्य परीक्षाओं में भी अपना लोहा मनवाया। सीबीएसई 12वीं बोर्ड 2026 में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। जेईई मेन्स-2026 में देश की कठिनतम इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में 99 परसेंटाइल हासिल किए।

दो साल की तपस्या और परिवार का साथ

बुरहान पिछले दो साल से मां और छोटी बहन के साथ कोटा में रहकर नीट की तैयारी कर रहे थे। दो सालों में वह एक बार भी घर जहाजपुर नहीं आए और त्योहार और पारीवारिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया। मोबाइल से दूरियां बनाए रखी। परीक्षा तैयारी में मां और बहन का मानसिक रूप से साथ मिला।

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