
प्रदेश में देवउठनी एकादशी के अवसर पर इस सीजन का पहला बड़ा सावा और ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) भर्ती परीक्षा एक ही दिन पड़ने से सरकारी कर्मचारियों, खासकर शिक्षकों में नाराजगी और विरोध बढ़ गया है। भीलवाड़ा सहित प्रदेशभर में 2 नवंबर (रविवार) को परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसी दिन सैकड़ों विवाह समारोह होने के कारण कई शिक्षकों ने अपनी परीक्षा ड्यूटी निरस्त कराने के आवेदन दिए हैं। केवल भीलवाड़ा जिले में ही 150 से अधिक शिक्षकों ने एडीएम (शहर) के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए हैं।
महिला शिक्षकों की संख्या अधिक
ड्यूटी निरस्त कराने वालों में महिला शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है। उनका कहना है कि परिवार में शादी है और परिवार सहित शामिल होना आवश्यक है। कई शिक्षिकाओं ने कहा कि विवाह पूर्व तैयारियों में भी उनकी भूमिका अहम है, ऐसे में परीक्षा ड्यूटी निभाना संभव नहीं।
ड्यूटी कटवाने की लगी होड़
पिछले तीन दिनों से जिला कलक्ट्रेट में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और अधिकारी ड्यूटी कटवाने की गुहार लगा रहे हैं। शिक्षकों के साथ-साथ पुलिसकर्मी और परिवहन विभाग के कर्मचारी भी आवेदन दे रहे हैं, जिनके परिवारों में 2 नवंबर को शादी है।
शादियों की धूम और व्यवस्थाओं की चुनौती
टेंट हाउस संचालकों, हलवाइयों, फोटोग्राफरों और विवाह स्थल संचालकों के अनुसार जिले में 2 नवंबर को सैकड़ों शादियां तय हैं। ऐसे में प्रशासनिक अमले के सामने व्यवस्थाएं बनाए रखने की चुनौती होगी। भीलवाड़ा जिले में 34 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां करीब 1300 निरीक्षक (वीक्षक) और कई पर्यवेक्षक तैनात रहेंगे। साथ ही उडनदस्ते और पुलिस कर्मी भी ड्यूटी पर रहेंगे। इन परीक्षा केंद्र पर परीक्षा सुबह 11 से 2 बजे तक होगी। इसमें 10 हजार 732 परीक्षार्थी हिस्सा लेंगे।
10 साल की सजा का प्रावधान
परीक्षा संचालन में किसी प्रकार से अनुचित साधनों का उपयोग, अनियमित एवं अविधिपूर्वक गतिविधियों में संलिप्तता पाई जाती है तो उनके विरूद्व राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम के अनुसार 10 लाख से लेकर 10 करोड़ रुपए तक का दंड तथा 10 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा के प्रावधान है। इसके तहत कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
परीक्षा से जुड़ी प्रमुख जानकारी
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अनुसार, ग्राम विकास अधिकारी भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों के परीक्षा जिले की जानकारी वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। एडमिट कार्ड 30 अक्टूबर से डाउनलोड किए जा सकेंगे। परीक्षा 850 पदों के लिए हो रही है। परीक्षा एक ही चरण में होगी। परीक्षा केंद्र पर प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड और मूल फोटोयुक्त पहचान पत्र अनिवार्य। मोबाइल, ब्लूटूथ, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर आदि पर प्रतिबंध रहेगा। केवल नीला या काला सादा पेन लाने की अनुमति होगी।
जांच के बाद निर्णय
एडीएम (शहर) प्रतिभा देवटिया ने बताया कि ड्यूटी हटवाने के लिए कई आवेदन आए हैं। इन आवेदनों की जांच के बाद तय किया जाएगा कि किसकी ड्यूटी हटाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि कोशिश रहेगी कि परीक्षा शांति, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हो।
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फैक्ट फाइल