कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के आदेशों का विरोध किया
शिक्षा विभाग के मंत्रालयिक कर्मचारियों ने मंगलवार को शिक्षा विभागीय संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले माध्यमिक शिक्षा विभाग के कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर सरकार के आदेशों का विरोध किया। संघ के जिलाध्यक्ष आशुतोष आचार्य के नेतृत्व में हुए इस विरोध में कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए शासन के आदेशों को वापस लेने की मांग की। संघ के प्रवक्ता मूलचंद बहरवानी ने बताया कि 2 जुलाई 2025 को शासन की ओर से जारी पत्र में विभाग के कार्य विभाजन एवं दायित्व निर्धारण को लेकर 1 जून 2020 के परिपत्र को अपास्त करने की बात कही गई है। यह निर्णय एक विशेष संघ की मांग के आधार पर किया गया है, जबकि पूर्व में सभी प्रक्रियाओं और आपत्तियों की समीक्षा के बाद ही यह परिपत्र जारी किया गया था।
बहरवानी ने कहा कि शासन की ओर से बिना किसी परीक्षण के केवल एक पक्ष की बात मानकर जो निर्णय लिया गया है, वह न केवल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के साथ अन्याय है, बल्कि इससे प्रदेश भर के मंत्रालयिक कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष आनंद स्वामी ने विरोध स्वरूप माध्यमिक शिक्षा निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव एवं शिक्षा सचिव को भी ज्ञापन प्रेषित कर 2 जुलाई 2025 के पत्र को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
प्रदर्शन में सुरेश जोशी, हनुमान वैष्णव, सुनील डाड, नरेश बाहेती, मुकेश सेन, आशुतोष शर्मा, ओम प्रकाश डाड, डीपी जोशी, रिंकू अग्रवाल, विक्रम बाकलीवाल, सुरेश पारीक, महेंद्रपाल सिंह, दीपक चारण, संदीप जैन, रामेश्वर शर्मा, मोहित धाबाई, धीरज सुराना, आलोक पालीवाल, योगेश बराला व सुरेश मीना सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे।