
Digital exams for Classes 1 and 2; SA-3 assessment to be conducted on Shikshak App
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 और 2 के नन्हें विद्यार्थियों के लिए 'योगात्मक आकलन' (एसए-3) की समय-सारणी और गाइडलाइन जारी कर दी है। इस बार सत्र 2025-26 का यह मूल्यांकन पूरी तरह हाईटेक होगा। प्रदेश के सभी पीएमश्री स्कूलों में यह परीक्षा शिक्षक ऐप के माध्यम से डिजिटल मोड पर आयोजित की जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक की ओर से जारी आदेश के अनुसार मूल्यांकन मुख्य रूप से बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्यों पर आधारित होगा। इसमें खास बात यह है कि शिक्षक बच्चों से मौखिक या लिखित प्रश्न पूछेंगे, लेकिन उनके उत्तरों की प्रविष्टि वास्तविक समय में ऐप पर की जाएगी।
मूल्यांकन प्रक्रिया को त्रुटिरहित बनाने के लिए 12 और 13 मार्च को ऐप पर ट्रायल रन किया जाएगा। इसमें प्रत्येक कक्षा के कम से कम 5 विद्यार्थियों का मूल्यांकन अनिवार्य होगा, हालांकि इसके अंक मुख्य परिणाम में नहीं जुड़ेंगे।
विद्यार्थियों के सीखने के स्तर को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। ग्रेड ए यानी विद्यार्थी स्वयं प्रश्नों के उत्तर देने में सक्षम है। ग्रेड बी यानी शिक्षक की आंशिक सहायता से उत्तर दे पा रहा है। तथा ग्रेड सी शिक्षक की विशेष सहायता की आवश्यकता पड़ रही है।
पीएमश्री स्कूलों के अलावा अन्य सरकारी स्कूलों के लिए आरएससीईआरटी की ओर से तैयार प्रश्नपत्र शाला दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध होंगे। पीएमश्री स्कूलों के मामले में ऐप पर फीड किया गया डेटा सीधे मुख्य पोर्टल पर प्रदर्शित होगा। इससे शिक्षकों को अलग से मैन्युअल प्रविष्टि नहीं करनी पड़ेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फाइनल सबमिशन के बाद अंकों या डेटा में किसी भी प्रकार का सुधार संभव नहीं होगा।
सभी संस्था प्रधानों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा में 100 प्रतिशत विद्यार्थियों का मूल्यांकन सुनिश्चित करें। गोपनीयता और पारदर्शिता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजेन्द्र गग्गड़, डीईओ भीलवाड़ा
Published on:
12 Mar 2026 07:16 pm
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