भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक लेवल-प्रथम और द्वितीय के अभ्यर्थियों के लिए रंगोत्सव के मौके पर बड़ी खुशखबरी आई है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक शिक्षा भीलवाड़ा ने जिले के 161 शिक्षकों का दो वर्ष का परिवीक्षा काल (प्रोबेशन पीरियड) संतोषजनक पूर्ण होने पर उनके स्थायीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं। […]
भीलवाड़ा जिले के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक लेवल-प्रथम और द्वितीय के अभ्यर्थियों के लिए रंगोत्सव के मौके पर बड़ी खुशखबरी आई है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय) प्रारंभिक शिक्षा भीलवाड़ा ने जिले के 161 शिक्षकों का दो वर्ष का परिवीक्षा काल (प्रोबेशन पीरियड) संतोषजनक पूर्ण होने पर उनके स्थायीकरण के आदेश जारी कर दिए हैं। इन शिक्षकों को अब राजस्थान सिविल सेवा नियम 2017 के तहत पे-मैट्रिक्स लेवल-10 के अनुसार नियमित वेतन और नियमानुसार देय भत्तों का लाभ मिलेगा। विभाग की ओर से जारी सूची में भीलवाड़ा सहित अजमेर, ब्यावर, केकड़ी और शाहपुरा जैसे क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों के नाम शामिल हैं।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह स्थायीकरण आदेश कुछ विशेष परिस्थितियों में प्रभावी नहीं होगा। इनमें जिन शिक्षकों के विरुद्ध सीसीए नियम 16 या 17 के तहत विभागीय जांच लंबित है, उन पर यह आदेश लागू नहीं होगा। भविष्य में यदि कोई कार्मिक एसओजी जांच में दोषी पाया जाता है, तो उसका स्थायीकरण स्वतः निरस्त माना जाएगा। दिव्यांग श्रेणी के वे कार्मिक जिनकी मेडिकल जांच अभी प्रक्रियाधीन है, उन्हें इस सूची में शामिल नहीं किया गया है। शिक्षक भर्ती 2022 लेवल-द्वितीय के वे अभ्यर्थी जो संशोधित परिणाम के कारण चयन से बाहर हो सकते हैं, उनका मामला न्यायालय के निर्णयाधीन रहेगा।
जारी सूची के अनुसार, आसींद, बनेड़ा, बिजौलियां, हुरड़ा, जहाजपुर, कोटड़ी, मांडल और सुवाणा ब्लॉक के शिक्षकों का बड़ी संख्या में स्थायीकरण हुआ है। आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित पीइइओ और आहरण वितरण अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी अपात्र कार्मिक का वेतन नियमन न हो। इस आदेश के तहत सबसे सबसे अधिक शिक्षकों का स्थायीकरण सुवाणा में तथा दूसरे स्थान पर शाहपुरा ब्लॉक तथा तीसरे स्थान पर मांडल व हुरड़ा ब्लॉक में शामिल है।
ब्लॉक शिक्षकों की संख्या