भीलवाड़ा जिले की ग्रामीण सरकार का ढांचा अब पूरी तरह बदल गया है। राजस्थान पंचायती राज नियम 1994 के तहत जिला परिषद भीलवाड़ा के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के पुनर्गठन, सीमांकन और पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला कलक्टर ने इन वार्डों का अंतिम प्रकाशन कर दिया। नए परिसीमन के बाद अब जिला […]
भीलवाड़ा जिले की ग्रामीण सरकार का ढांचा अब पूरी तरह बदल गया है। राजस्थान पंचायती राज नियम 1994 के तहत जिला परिषद भीलवाड़ा के निर्वाचन क्षेत्रों (वार्डों) के पुनर्गठन, सीमांकन और पुनर्निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जिला कलक्टर ने इन वार्डों का अंतिम प्रकाशन कर दिया। नए परिसीमन के बाद अब जिला परिषद में वार्डों की संख्या 37 से बढ़कर 45 हो गई है। प्रशासनिक स्तर पर जारी इस अंतिम प्रकाशन के साथ ही अब आगामी जिला परिषद चुनावों की तस्वीर साफ हो गई है। जिले की कुल 17 लाख 88 हजार 595 की आबादी अब इन 45 एकल सदस्य निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित होगी।
इससे पूर्व निर्वाचन विभाग की ओर से 45 वार्डों का प्रारूप प्रकाशन कर आमजन से आपत्तियां मांगी गई थीं। निर्धारित समय सीमा में प्राप्त हुई आपत्तियों का जिला निर्वाचन अनुभाग ने निस्तारण कर दिया। सभी विधिक पहलुओं और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए वार्डों की सीमाओं को अंतिम रूप दिया गया है।
वार्डों की संख्या में 8 की बढ़ोतरी होने से ग्रामीण राजनीति के समीकरण भी बदलेंगे। कई पुराने वार्डों का भूगोल बदल गया है, तो कई नई पंचायतें अब नए वार्डों का हिस्सा होंगी। यह पुनर्गठन बढ़ती जनसंख्या और प्रशासनिक सुगमता को ध्यान में रखकर किया गया है, ताकि विकास योजनाओं का क्रियान्वयन निचले स्तर तक प्रभावी ढंग से हो सके।
अंतिम प्रकाशन के साथ ही जिले के ग्रामीण इलाकों में चुनावी चर्चाएं तेज हो गई हैं। नए वार्डों की सीमाओं को समझने के लिए दावेदार अब जिला कलक्टर और विकास अधिकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं।