भीलवाड़ा

विकास की भेंट चढी जन सुरक्षा: भीलवाड़ा के चौराहों पर डरा रहा सुन्दरता का दिखावा

डर लगता है इन चौराहों से गुजरने में', अंधेरगर्दी में प्रशासन, हर दिन हादसों को न्योता
2 min read
Mar 26, 2026
Public Safety Sacrificed at the Altar of Development: A Mere Show of Aesthetics Looms Menacingly at Bhilwara's Intersections.
विकास की भेंट चढी जन सुरक्षा: भीलवाड़ा के चौराहों पर डरा रहा सुन्दरता का दिखावा

भीलवाड़ा शहर को सुंदर बनाने के नाम पर नगर निकायों की ओर से लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए चौराहे अब शहरवासियों के लिए खौफ का सर्कल बन गए हैं। इन खतरनाक चौराहों से गुजरने में आमजन को डर लगने लगा है। स्थिति यह है कि आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं और वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। कृषि मंडी, पुर रोड, मंगल पांडे सर्कल, कुंभा सर्कल और अहिंसा सर्कल, महाराणा प्रताप सर्कल के आस-पास का इलाका डेंजर जोन में तब्दील हो चुका है। इसके बावजूद नगर निगम, नगर विकास न्यास प्रशासन और यातायात पुलिस कुंभकर्णी नींद में सोए हैं।

विकास के नाम पर छलावा, रात में भयावह होते हालात

शहर के सौंदर्यीकरण के तहत निकायों ने शहर के हर प्रमुख चौराहे पर सर्कल का निर्माण तो कर दिया, लेकिन इसका फायदा शहरवासियों को मिलने के बजाय परेशानी का सबब बन गया है। वाहन चालकों और स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि रात के समय इन सर्कल पर स्थिति और भी भयावह हो जाती है। चौराहों की डिजाइन इतनी त्रुटिपूर्ण है कि सामने से अचानक वाहन आ जाने पर चालकों को ब्रेक लगाने तक का मौका नहीं मिलता। लाखों रुपए खर्च किए जाने के पीछे आमजन का स्पष्ट मानना है कि शहर में विकास के नाम पर केवल अपने स्वार्थ साधे गए हैं, जनता को राहत देने का कोई प्रयास नहीं हुआ।

कुंभा सर्कल: ऊंचाई इतनी कि सामने का ट्रैफिक ही न दिखे

पटरी पार तेजी से विस्तार ले रहे आजाद नगर के हालात भी इन चौराहों ने बिगाड़ दिए हैं। इलाके के मध्य स्थित कुंभा सर्कल इसका जीता-जागता उदाहरण है। हालांकि इसकी चौड़ाईसड़क के अनुसार है, लेकिन इसकी ऊंचाई इतनी अधिक कर दी गई है कि दूसरी तरफ से आने वाले वाहन नजर ही नहीं आते। यह ब्लाइंड स्पॉट हर दिन किसी न किसी छोटे-बड़े एक्सीडेंट का कारण बन रहा है।

नियम ताक पर: 20 मीटर के दायरे में सजी हैं चौपाटियां

नगर नियोजन विभाग के सख्त नियम हैं कि यातायात के सुचारू संचालन और सुरक्षा के लिए किसी भी सर्कल के 20 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या ठेला नहीं होना चाहिए। लेकिन भीलवाड़ा में स्थिति इसके बिल्कुल उलट है। शहर के हर प्रमुख चौराहे पर रोड किनारे अवैध चौपाटी सजी हुई है। ठेले वालों ने आधी से ज्यादा सड़क घेर रखी है। भीड़भाड़ और सड़क संकरी होने के कारण इन सर्कल पर हमेशा दुर्घटनाओं का भय मंडराता रहता है।

Updated on:
26 Mar 2026 09:07 am
Published on:
26 Mar 2026 09:07 am
Also Read
View All
20 मिनट तक अस्पताल की दहलीज पर तड़पता रहा घायल, सायरन बजता रहा, कर्मचारी सोते रहे; भीलवाड़ा MG Hospital में बड़ी लापरवाही

भीलवाड़ा सड़क हादसा: रोडवेज बस ने ट्रक को ओवरटेक करते हुए बाइक को मारी टक्कर, रिटायर्ड शिक्षक की मौके पर मौत

फर्जी पासपोर्ट से दुबई भागा मोस्ट वांटेड इमरान, लुत्फी की पत्नी भी भारत से फरार; भीलवाड़ा पुलिस की जांच में हुआ खुलासा

राजस्थान के खनन पट्टाधारकों के लिए राहत की खबर, भजनलाल सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

Bhilwara: ‘5 लाख रुपए के विवाद में कर दी मां की हत्या’, महिला की मौत के बाद थाने पहुंचकर बेटे ने दर्ज कराई रिपोर्ट