बच्चों में बचपन से ही सुनने की क्षमता को अक्षुण्ण रखने और श्रवण हानि की शीघ्र पहचान करने के उद्देश्य से महात्मा गांधी चिकित्सालय के नाक, कान एवं गला रोग विभाग ने एक व्यापक अभियान का आगाज किया है। विश्व श्रवण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की कमान इएनटी की विभागाध्यक्ष डॉ. […]
बच्चों में बचपन से ही सुनने की क्षमता को अक्षुण्ण रखने और श्रवण हानि की शीघ्र पहचान करने के उद्देश्य से महात्मा गांधी चिकित्सालय के नाक, कान एवं गला रोग विभाग ने एक व्यापक अभियान का आगाज किया है। विश्व श्रवण दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम की कमान इएनटी की विभागाध्यक्ष डॉ. लीना जैन ने संभाली है। डॉ. जैन ने बताया कि इस वर्ष विश्व श्रवण दिवस की थीम "समुदायों से कक्षाओं तक: सभी बच्चों के लिए श्रवण देखभाल" रखी गई है। इसी थीम को आधार बनाकर चिकित्सालय विभिन्न स्कूलों में चिकित्सा शिविर आयोजित कर रहा हैं। इन शिविरों का मुख्य केंद्र बचपन में होने वाली श्रवण हानि को रोकना और प्रारंभिक स्तर पर ही बच्चों की समस्याओं को पहचानना है।
इस अभियान के तहत प्राइमरी ग्रेड के 8 सरकारी व प्राइवेट विद्यालयों को चिन्हित किया गया है, जहां लगभग 1000 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। विभाग सभी जांचों के आंकड़े क्लब कर आगामी 3 मार्च को 'विश्व श्रवण दिवस' के अवसर पर सार्वजनिक करेगा। जांच के उपरांत बच्चों के अभिभावकों को विस्तृत जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही, जिन बच्चों में श्रवण संबंधी कोई भी समस्या पाई जाएगी, उनके आगे के उपचार और प्रबंधन में अस्पताल प्रशासन द्वारा यथासंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।