ग्रामीणों ने दी विद्यालय तालाबंदी की चेतावनी
सरकार ने एक ओर जहां छात्रों का नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों को घर-घर सर्वे के लिए लगा रखा है। भीलवाड़ा शहर के पास व मांडल विधानसभा क्षेत्र के जोधडास में स्थित सरकारी स्कूल जहां विद्यार्थियों को स्कूल में भरे हुए पानी में से होकर कक्षाओं तक जाना पड रहा है। यही नहीं जीर्ण शीर्ण हो चुके कमरों में अध्ययन करने को विवश हैं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग को चेतावनी दी है कि स्कूल में सुधार नहीं हुआ तो तालाबंदी की जाएगी।
जोधडास गांव स्थित राजकीय माध्यमिक विद्यालय को दो दिन पहले ही सरकार ने उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया है। विद्यालय विकास समिति के अध्यक्ष बंशीनाथ योगी, वार्ड पंच राजू बैरवा व लोगों ने बताया कि सरकारी स्कूल की दुर्दशा हो रही है। स्कूल में बरसात के सीजन में पानी भर जाता है। तालाब जैसी स्थिति हो जाती है। विद्यार्थियों को घुटने तक भरे पानी से होकर कमरों तक जाना पड़ता है। स्कूल में 6 कमरे हैं। इनमें से भी एक कमरा आंगनबाड़ी केंद्र को दे रखा है। शेष 5 कमरों में से एक कमरे की पट्टियां जर्जर हैं। इससे हादसा हो सकता है। अन्य कमरों के हालात भी टीक नहीं हैं। बारिश के मौसम में जहरीले जीव निकलने का खतरा रहता है। ऐसे में विद्यार्थियों को टूटे-फूटे फर्श पर बैठने को विवश होना पड़ रहा है।विद्यालय में 240 छात्रों का नामांकन है। कक्षा आठ तक स्कूल हैं।
ठेकेदार ने डाली मिट्टी
आंगनबाड़ी के ठेकेदार ने स्कूल में मिट्टी डाल दी थी। इससे रास्ता अवरूद्ध हो गया। पानी भी भर गया है। स्कूल परिसर में मिट्टी का लेवल सही करवाकर पानी की निकासी का रास्ता खोला जाएगा।
डॉ. रामेश्वर लाल जीनगर, सीबीईओ सुवाणा