भीलवाड़ा

बजरी माफिया के रसूख के आगे ‘सरकार’ पस्त!

- 'ओवरलोड' खेल: सीएम के अभियान को दिखा रहे ठेंगा - तीन थानों की नाक के नीचे से मध्यप्रदेश के नीमच जा रही बजरी
2 min read
Jan 03, 2026
The government is powerless against the influence of the sand mafia!
The government is powerless against the influence of the sand mafia!

प्रदेश में मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बाद अवैध खनन के खिलाफ चल रहा 'विशेष अभियान' जिले में महज कागजी साबित हो रहा है। भीलवाड़ा जिले से अवैध रूप से दोहन की जा रही बजरी का बेखौफ परिवहन चित्तौड़गढ़ के रास्ते मध्य प्रदेश तक किया जा रहा है। माफिया की पैठ इतनी गहरी है कि खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की मिलीभगत और राजनीतिक संरक्षण के चलते सरकारी रॉयल्टी को करोड़ों का नुकसान हो रहा है।

बड़ा खेड़ा बना अवैध 'सप्लाई हब'

भीलवाड़ा की बनास नदी से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से बजरी लाकर पारसोली के पास बड़ा खेड़ा में बड़े स्तर पर स्टॉक की जा रही है। यहां से इस बजरी को बड़े डंपरों में भरकर नीमच भेजा जाता है। डंपरों में क्षमता से दोगुना माल भरा जा रहा है। इससे न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि सड़कें भी समय से पहले दम तोड़ रही हैं।

रॉयल्टी की सरेआम चोरी: रवन्ना 30 का, माल 60 टन

माफियाओं का खेल यहीं खत्म नहीं होता। परिवहन के दौरान 'रवन्ना' मात्र 30 टन का दिखाया जाता है, जबकि डंपरों में 50 से 60 टन बजरी लादी जा रही है। अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर या उनकी मौन सहमति से यह 'ओवरलोड' खेल बेधड़क जारी है।

तीन थानों की 'चेकपोस्ट' फेल!

हैरानी की बात यह है कि बजरी से भरे ये डंपर और ट्रैक्टर एक नहीं, बल्कि तीन-तीन थानों के सामने से गुजरते हैं। इनमें बड़लियास, बीगोद, पारसोली थानों के सामने से गुजरने के बावजूद कार्रवाई के नाम पर केवल 'खानापूर्ति' की जाती है। अधिकारियों का कहना है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस इक्का-दुक्का ट्रैक्टर पकड़कर इतिश्री कर लेती है, जबकि मुख्य सरगनाओं के बड़े डंपर बेरोकटोक निकल रहे हैं।

पत्रिका के सीधे सवाल

  • - जब अवैध बजरी से भरे डंपर बड़लियास, बीगोद और पारसोली थानों के सामने से ही गुजरते हैं, तो क्या पुलिसकर्मियों की नजर इन पर नहीं पड़ती? या फिर 'नजरअंदाज' करने की कीमत पहले ही तय हो चुकी है?
  • - खनिज विभाग के अधिकारियों ने स्वीकार किया है कि बजरी एमपी जा रही है, तो फिर अब तक बड़ा खेड़ा के अवैध स्टॉक पॉइंट को ध्वस्त क्यों नहीं किया गया?
  • - मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद कार्रवाई के नाम पर केवल एक-दो ट्रैक्टर ट्रॉली ही पकड़े जाते हैं। डंपरों और उनके मालिकों पर हाथ डालने से प्रशासन के हाथ क्यों कांप रहे हैं।
  • -जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र राजनीतिक संरक्षण के आगे इतना बौना हो गया है कि वह अवैध खनन को रोकने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहा।

सूचना मिली है कार्रवाई करेंगे

पारसोली के पास बड़ा खेड़ा में बजरी का अवैध स्टॉक होने की सूचना मिली है। इस पर टीम बनाकर कार्रवाई करेंगे। पहले भी यहां से बजरी का स्टॉक पकड़ा था।

एहतेशाम सिद्दीकी, खनिज अभियंता चित्तौड़गढ़

Updated on:
03 Jan 2026 08:45 am
Published on:
03 Jan 2026 08:45 am
Also Read
View All
20 मिनट तक अस्पताल की दहलीज पर तड़पता रहा घायल, सायरन बजता रहा, कर्मचारी सोते रहे; भीलवाड़ा MG Hospital में बड़ी लापरवाही

भीलवाड़ा सड़क हादसा: रोडवेज बस ने ट्रक को ओवरटेक करते हुए बाइक को मारी टक्कर, रिटायर्ड शिक्षक की मौके पर मौत

फर्जी पासपोर्ट से दुबई भागा मोस्ट वांटेड इमरान, लुत्फी की पत्नी भी भारत से फरार; भीलवाड़ा पुलिस की जांच में हुआ खुलासा

राजस्थान के खनन पट्टाधारकों के लिए राहत की खबर, भजनलाल सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

Bhilwara: ‘5 लाख रुपए के विवाद में कर दी मां की हत्या’, महिला की मौत के बाद थाने पहुंचकर बेटे ने दर्ज कराई रिपोर्ट