
Analog Paneer : दीपावली के पास आते ही दूध, पनीर, मावा आदि की डिमांड बढ़ गई है। पर्व पर मिलावटी खाद्य सामग्रियों की भी मात्रा बढ़ गई है। यहां तक कि सिंथेटिक मावा और पनीर भी बेचे जा रहे हैं। यह खुलासा तब हुआ जब भोपाल में बिक्री के लिए आई एनालॉग पनीर की बड़ी खेप जब्त की गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई में खुलासा हुआ कि चंबल इलाके से यह पनीर आ रहा है। विभागीय अधिकारियों ने सूचना मिलने पर देर रात कार्रवाई करते हुए 7 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया। इससे बाजार में हलचल मच गई है।
दीपावली से पहले भोपाल में मिलावटी या नकली पनीर खपाने की तैयारी चल रही है। जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम ने 700 किलो से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया। इसकी कीमत लगभग 2.5 लाख रूपए आंकी गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनालॉग पनीर की यह खेप मुरैना से आई थी। देर रात 2 बजे रेलवे स्टेशन के बाहर यह पनीर जब्त किया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिल्टी और बिल के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 7 क्विंटल एनालॉग पनीर जब्त किया है जिसकी अग्रिम कार्रवाई चल रही है।
एनालॉग पनीर (Analogue Paneer) दरअसल कृत्रिम या सिंथेटिक होता। यह देखने, स्वाद और बनावट में बिल्कुल असली दूध वाले पनीर जैसा लगता है। हालांकि इसमें दूध के फैट और प्रोटीन का इस्तेमाल बहुत कम किया जाता है।
एनालॉग पनीर को मुख्यत: पाम ऑयल (वनस्पति तेल), स्टार्च और मिल्क पाउडर से बनाया जाता है। इसमें सोया या मटर प्रोटीन और इमल्सीफायर का उपयोग भी किया जाता है। दूध से बने असली पनीर की तुलना में एनालॉग पनीर काफी सस्ता पड़ता है।
असली पनीर में भरपूर प्रोटीन और कैल्शियम होता है जबकि एनालॉग पनीर के सेवन से प्राकृतिक पोषण नहीं मिलता है।
असली पनीर दानेदार होता है जबकि एनालॉग पनीर बहुत चिकना होता है। यह रबड़ जैसा खिंच जाता है। पाम ऑयल और केमिकल्स के कारण यह सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।