231 ने भरा था निर्दलीय नामांकन...
भोपाल। मध्यप्रदेश में चुनावी सरगर्मियों के बीच बड़ी खबर है। प्रदेश में बीजेपी ने बागी नेताओं के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए 53 बागी नेताओं पर बड़ी कार्रवाई की।
इसके तहत बागीयों को 6 साल तक के लिए पार्टी से बाहर कर दिया है। हालांकि, भाजपा 178 नेताओं को मनाने में कामयाब रही। जिसके बाद पार्टी के कहने पर इन नेताओं ने अपना नामांकन वापस ले लिया।
चुनाव में पार्टी के नेताओं के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे बागियों पर यह एक कठोर कदम बताया जा रहा है। जानकारों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी चुनावों में किसी भी तरह की कलह नहीं चाहती है। इसलिए पार्टी ने चुनाव से पहले बगावत पर उतरे पार्टी के नेताओं के खिलाफ यह कड़ा रूख अपनाया है।
निष्कासित होने वालों में पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया और केएल अग्रवाल, ग्वालियर की पूर्व मेयर समीक्षा गुप्ता, एमएलए राजकुमार मेव और नरेंद्र सिंह कुशवाहा, लता मस्की, धीरज पटेरिया और दो पूर्व विधायक सहित कई दिग्गज नेता भी शामिल हैं।
दरअसल मध्य प्रदेश में भीतरघात और असंतुष्टों से जूझ रही भारतीय जनता पार्टी ने 53 बागियों को पार्टी से निकाल दिया है। बीजेपी ने पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले बागी नेताओं के खिलाफ यह कार्यवाही की है।
बाहर निकाले गए नेताओं में कुसमारिया कृषि मंत्री रह चुके हैं और बीजेपी के स्टार कैंपेनर्स में शामिल थे। तमाम कोशिशों के बावजूद वे नहीं झुके और उन्होंने बीजेपी के वाइस प्रेसिडेंट प्रभात झा से मिलने तक से इनकार कर दिया।
कुसमारिया ने एक मीडिया हाउस से बातचीत में कहा था कि उन्होंने पूरी कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि 70 साल की अवस्था में बागी हुए कई नेताओं ने लंबे वक्त तक सत्ता सुख का आनंद उठाया है। उन्होंने पठारिया और दामोह सीट से निर्दलीय नामांकन किया है। दामोह सीट तो सूबे के वित्त मंत्री जयंत मलैया की है।
वहीं, पूर्व मंत्री केएल अग्रवाल बमोरी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। बीजेपी युवा मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष धीरज पटेरिया जबलपुर सेंटल से चुनाव लड़ रहे हैं और स्वास्थ्य मंत्री शरद जैन को टक्कर देंगे। पूर्व विधायक ब्रह्मानंद रत्नाकर भोपाल के नजदीक बरसिया से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे।
जबकि पूर्व वन मंत्री सरताज सिंह ने कांग्रेस जॉइन कर ली है और वह होशंगाबाद से चुनाव लड़ेंगे। उस समय हाथ का साथ मिलने से खुश सरताज सिंह ने कहा था, 'मैं कांग्रेस का आभारी हूं कि उसने मुझे होशंगाबाद सीट से टिकट दिया है।
मैं 58 साल तक बीजेपी में रहा, लेकिन इसके बावजूद बीजेपी ने मुझे इस बार टिकट नहीं दिया। मैं जनता के बीच रहकर उसकी और सेवा करना चाहता हूं, इसलिए चुनाव लड़ रहा हूं।'
वहीं बीजेपी प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर ने कहा कि जिला ईकाइयां इन नेताओं को 6 साल के लिए बाहर का रास्ता दिखाएगी। इसके अलावा पार्टी सूत्रों का कहना है कि अधिकतर बागियों को लेकर कोई चिंता नहीं है। हालांकि, कसूमारिया, पटेरिया आदि को लेकर पार्टी को दिक्कत हो सकती है, क्योंकि चुनावी मैदान में वे बीजेपी के बड़े नेताओं और मंत्रियों को चुनौती देने वाले हैं।