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MP News: ‘मोबाइल फॉरेंसिक सिस्टम’ पर विवाद, PHQ और गृह विभाग में अनबन !

MP News: नियमों के मुताबिक पुलिस मुख्यालय के पास हार्डवेयर यानी उपकरण खरीदने के अधिकार है....

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PHQ and Home Department

PHQ and Home Department (Photo Source - Patrika)

रूपेश मिश्रा की रिपोर्ट....

MP News: महज 2.50 करोड़ की खरीदी को लेकर पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के बीच आपसी अनबन शुरू हो गई है। दरअसल पुलिस मुख्यालय द्वारा मोबाइल फॉरेंसिक के लिए एक सैलीब्राइट इनसाइट प्रीमियम नाम का ( हार्डवेयर कम सॉफ्टवेयर) डिवाइस खरीदा गया। जिसको लेकर गृह विभाग ने अब आपत्ति खड़ी कर दी है। गृह विभाग पत्राचार के जरिए पीएचक्यू के अधिकारियों से पूछा है कि आखिर यह डिवाइस बगैर गृह की स्वीकृति के कैसे खरीदा गया। जिसको लेकर गृह विभाग और पीएचक्यू के अधिकारियों के बीच अनबन जैसी स्थिति बन गई है।

सॉफ्टवेयर बनाम हार्डवेयर के बीच फंसा मामला

दरअसल असल विवाद सॉफ्टवेयर बनाम हार्डवेयर को लेकर फंसा है। नियमों के मुताबिक पुलिस मुख्यालय के पास हार्डवेयर यानी उपकरण खरीदने के अधिकार है। लेकिन यदि किसी सॉफ्टेवयर की खरीदी करनी है। तो उसकी अनुमति गृह विभाग से लेनी होगी। जबकि पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है कि यह भी एक उपकरण है। जिसमें सॉफ्टवेयर इनबिल्ट है। इसलिए जरूरत के मुताबिक खरीदी की गई।

जानिए क्या है सैली ब्राइट इनसाइट प्रीमियम

बता दें कि सैली ब्राइट इनसाइट प्रीमियम एक एडवांस मोबाइल फॉरेंसिक सॉफ्टवेयर+हार्डवेयर सॉल्यूशन है। जिसका उपयोग पुलिस, साइबर क्राइम लैब, डिजिटल फॉरेंसिक एक्सपर्ट द्वारा किया जाता है। इसका काम मोबाइल फोन से डेटा निकालना, लॉक/पासवर्ड/पिन तोड़ना या डिलिट किए गए डेटा को रिकवर करना। राज्य साइबर सेल के पास सैली ब्राइट प्रीमियम नोड वन पहले से था। लेकिन अब एडवांस वर्जन नोड थ्री लिया गया है। जिससे एक साथ तीन मोबाइल फोन की फॉरेंसिक की जा सकती है। इसका इस्तेमाल सिर्फ सरकारी एजेंसिया कर सकती है।

क्या डीजी के पास 2.50 करोड़ की खरीदी का अधिकार नहीं?

जिस दौर में साइबर अपराध के मामले पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती का सबब बन रहे हो। उस दौर में पुलिस मुख्यालय के पास 2.50 करोड़ की खरीदी का अधिकार भी सुरक्षित नहीं है। यह चिंता का विषय है। और उससे भी बड़ी चिंता की बात ये है कि अगर ऐसे ही हालात रहे तो साइबर अपराधों का से लड़ाई पुलिस कैसे लड़ेगी।

खबर के मुख्यबिंदु....

- पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग के बीच आपसी अनबन शुरू

-सैलीब्राइट इनसाइट प्रीमियम नाम का खरीदा गया डिवाइस

-गृह विभाग ने खड़ी कर दी आपत्ति

- सॉफ्टेवयर की खरीदी के लिए गृह विभाग से अनुमति जरूरी

-सॉफ्टवेयर बनाम हार्डवेयर को लेकर फंसा मामला

- पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों का कहना है ....ये भी एक उपकरण

- बड़ी चिंता: साइबर अपराधों का से लड़ाई पुलिस कैसे लड़ेगी