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एमपी में 20000 से ज्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला, 30000 का वेतन आधा, कांग्रेस ने साधा निशाना

Jitu patwari- डबल इंजन सरकार ने मप्र को बनाया औद्योगिक बर्बादी का केन्द्र: जीतू पटवारी

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Jitu Patwari

Jitu Patwari- File Pic

Jitu Patwari- दुनियाभर की तरह ईरान इराक अमेरिका के संघर्ष का असर मध्यप्रदेश में भी नजर आ रहा है। प्रदेश में कई कंपनियां और उद्योग बंद हो गए हैं। कंपनियों और उद्योगों द्वारा कर्मचारियों की छंटनी की जा रही है। कुछ जगहों पर वेतन में कटौती की गई है और सेलरी आधी कर दी गई है। कंपनी व उद्योग संचालकों के ऐसे कदमों को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी Jitu Patwari ने आरोप लगाया कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने मध्यप्रदेश को बेरोजगारी और औद्योगिक बर्बादी का केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा है कि हजारों श्रमिकों, कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है जबकि जो बचे हैं उनमें से अधिकांश का वेतन भी आधा कर दिया गया है।

30000 श्रमिकों का वेतन आधा, 20000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पीथमपुर में लगभग 5600 फैक्ट्री बंद होने की कगार पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 30000 श्रमिकों का वेतन आधा कर दिया गया है और 20000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक समय निवेश और औद्योगिक विकास का केंद्र बनने का सपना देखने वाला मध्यप्रदेश आज बेरोजगारी, तालाबंदी और आर्थिक संकट का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने मांग की कि औद्योगिक क्षेत्र में आई इस मंदी पर सरकार तत्काल श्वेत पत्र जारी करे।

बेरोजगार हुए श्रमिकों के पुनर्वास और रोजगार के लिए विशेष योजना लागू की जाए

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बंद हो रही इकाइयों को बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा ठोस आर्थिक पैकेज देने की मांग की। उन्होंने कहा कि बेरोजगार हुए श्रमिकों के पुनर्वास और रोजगार के लिए विशेष योजना लागू की जाए।

विधान सभा की नवगठित सभा समितियों की प्रथम संयुक्त बैठक आज

इस बीच वर्ष 2026 -27 के लिए गठित सभा समितियों की संयुक्त बैठक आज अपराह्न 3:00 बजे से विधानसभा के मानसरोवर सभागार में आयोजित की गई है। बैठक में मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, समितियों के सभापति एवं सदस्य उपस्थित रहेंगे।

गठित समितियों में चार वित्तीय समितियां, लोक लेखा समिति, सरकारी उपक्रमों सबंधी समिति,प्राक्कलन समिति तथा स्थानीय निकाय एवं पंचायती राज लेखा समिति शामिल है। शेष अन्य पन्द्रह समितियां, कार्यमंत्रणा समिति, गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों तथा संकल्पों संबंधी समिति, याचिका एवं अभ्यावेदन समिति, प्रत्यायुक्त विधान समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति, विशेषाधिकार समिति, नियम समिति, सदस्य सुविधा समिति, पुस्तकालय अनुसंधान एवं संदर्भ समिति, पटल पर रखे गए पत्रों का परीक्षण करने संबंधी समिति, प्रश्न एवं संदर्भ समिति, महिला एवं बाल कल्याण समिति, आचरण समिति, कृषि विकास समिति तथा सदस्यों के शिष्टाचार एवं सम्मान अनुरक्षण समिति का गठन किया गया है।