------------------------ कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस : दूसरे दिन पुलिस अफसरों से किया सीएम ने संवाद, बोले- मादक पदार्थ जप्त करके तुरंत नष्ट करो, फिटनेस व परिवार पर भी ध्यान देने की नसीहत------------------------
jitendra.chourasiya@भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को मैदानी पुलिस अफसरों से संवाद किया। शिवराज ने सख्त रूख अपनाकर कहा कि प्रदेश में माफिया को नेस्तानाबूद करना है। नशे के सौदागर पर सख्त कार्रवाई का ऐलान करके शिवराज ने कहा कि अब जो भी मादक पदार्थ जब्त हो, उनको नष्ट करें। उन्हें जब्त कर के रखने की जरूरत नहीं है।
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कांस्टेबल भी उतना ही महत्वपूर्ण जितना एसपी-
राज्य मंत्रालय में शिवराज ने कलेक्टर-एसपी कांफ्रेंस के दूसरे दिन पुलिस अफसरों से संवाद किया। इस दौरान मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, एसीएस राजेश राजौरा व डीजीपी सुधीर सक्सेना मुख्य रूप से मौजूद रहे। यहां शिवराज ने कहा कि पुलिस में हमारे लिए कॉन्स्टेबल भी उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना एसपी है। चीजें मशीन की तरह नहीं चलती है, सभी के इमोशन्स होते हैं, सुख-दुख होते हैं। फिट रहिये, फिटनेस पर ध्यान दो और परिवार को भी समय दीजिए। सही टीम वही है, जिसके सदस्य को लगे कि मैं अकेला नहीं हंू, मैं एक परिवार का हिस्सा हूँ। मेरे साथ मेरा मुखिया खड़ा है। अगर काम लेने का अधिकार है, तो ध्यान रखने का भी कर्तव्य भी मेरा है। हमसे जनता को बहुत अपेक्षाएँ हैं। कई जगह हम बहुत अच्छा काम कर रहे हैं, लेकिन कई जगह सुधार की आवश्यकता है। समय के साथ चुनौतियाँ नई-नई आती हैं, उसके अनुरुप हम अपने सिस्टम को अपडेट करते रहें। प्रदेश पर जब भी संकट आया पुलिस प्रशासन के साथियों ने दिन-रात एक कर काम किया और प्रदेशवासियों को राहत पहुंचाई। कोविड का कठिन दौर इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। हमारे अधिकारी-कर्मचारियों ने अपनी जान दांव पर लगा कर व्यवस्थाएं संभाली और कुछ लोग इसमें शहीद भी हुए। कोविड काल में पुलिस ने प्रदेश में सेवा का नया अध्याय रचा गया। टीम मध्यप्रदेश बेहतर कार्य कर रही है, पर सुधार की गुजाइंश सदैव बनी रहती है।
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डकैत खत्म, नक्सलवाद पर नियंत्रण-
शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश शांति का टापू है। यहां सभी माफिया गतिविधियों को समाप्त कर दिया है। डकैती उन्मूलन के साथ ही नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान लगातार जारी है। प्रदेश में एक करोड़ 14 लाख के इनामी 6 नक्सलियों को समाप्त करने के लिए हॉक फोर्स बधाई की पात्र है। प्रदेश में नक्सली गतिविधियां केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सीमा पर शेष हैं। प्रदेश के अंदरूनी जिलों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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नशा-ड्रग्स-जुआ-सट्टा पर एक्शन-
शिवराज ने कहा कि जुआ, सट्टा और ड्रग्स समाज के दुश्मन हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। महिलाओं के खिलाफ अपराध पर सख्त कार्रवाई हो। व्यापक स्तर पर नशामुक्ति अभियान चलाया जाए। नशे के कारोबार में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए।
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धर्मांतरण पर चोट-
शिवराज ने कहा कि प्रदेश में धर्मांतरण के प्रयत्नों को विफल करना आवश्यक है। बेटियों को फुसला कर धर्मांतरण कराने के प्रकरणों व जमीन खरीदने के लिए जनजातीय बहनों से विवाह करने के प्रकरणों के प्रति सख्त कार्रवाई हो। सूदखोरी से हो रहे शोषण के प्रति भी जागरूक रहें। इसके अलावा सायबर अपराध उभरती चुनौती है। सोशल मीडिया पर निरंतर नजर रखना आवश्यक है, क्योंकि थोड़ी से लापरवाही से इससे तनाव फैलना संभव है। पीएफआई सहित देश को कमजोर करने की गतिविधियों में संलग्न संगठनों के संबंध में सही समय पर जानकारी प्राप्त करने के लिए इंटेलीजेंस एजेंसियां सक्रिय रहें। इस कार्य में स्थानीय पुलिस भी अपना दायित्व निभाएं। विदेशों से वित्तीय सहायता प्राप्त कर रहे एनजीओ किन गतिविधियों में लगे हैं, इस पर भी नजर रखी जाए। सामाजिक सोहार्द्र और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निरंतर सतर्कता और सावधानी आवश्यक है।
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मोदी की प्रशंसा का जिक्र-
शिवराज ने कहा कि पुलिसिंग में शुरू की गई पैदल गश्त की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रशंसा की है। बीट व्यवस्था, माइक्रो बीट सिस्टम, औचक निरीक्षण, कोबिंग ऑपरेशन और राशि गश्त व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। आरक्षक से लेकर अधिकारियों तक पुलिस तकनीकी रूप से सक्षम हों, यह समय की मांग है।
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असली हीरो सम्मान-
शिवराज ने साहस दिखाकर अपराध रोकने वाले नागरिकों को असली हीरो सम्मान से सम्मानित किया। इसमें बड़वानी की वर्षा बाई बारेला, कमला बाई और भूरी बाई, मुरैना के मुकेश सिंह गुर्जर, दमोह की मोनिका पिंकी अहिरवार, इंदौर की प्रगति, शिवानी एवं खुशी और छतरपुर के शिवम तिवारी को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कांफ्रेंस में पुलिस को मिले अवार्डों पर प्रेजेंटेशन भी हुआ।
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लापता बालिकाओं को खोजने में ये एसपी बेहतर-
लापता बालक-बालिका को खोजने में बैतूल, अलीराजपुर, देवास, अशोकनगर, आगर-मालवा जिलों ने बेहतर काम किया।
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सीएम ये भी बोले-
- पुलिस, संवाद और समन्वय से काम करें।
- अधिकारी, हॉस्टल के छात्रों से सतत संवाद में रहें।
- बलात्कारियों को किसी भी स्थिति में छोड़े नहीं।
- अवैध शराब परिवहन में जप्त वाहन नीलाम हो।
- मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए।
- क्राइम स्पॉट चिन्हित करो। वहां सतर्कता रखो।
- नशे के खिलाफ जबरदस्त कार्रवाई भी होना चाहिए।
- जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री के साथ बैठक करो।
- विकास यात्राओं को गंभीरता से लेकर काम करो।
- देश विरोधी तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
- सडक़ सुरक्षा प्राथमिकता पर रहे।
- अनाथ बच्चों के लिए जिला कार्ययोजना बनाएं।
- सडक़ पर रहने वाले बच्चों की संख्या शून्य करो।
- मंत्रियों के साथ पुलिस की स्वस्थ टीम काम करें।
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नक्सलवाद पर बोले-
- प्रदेश में पहली बार हॉकफोर्स द्वारा वर्षभर में 06 दुर्दान्त नक्सलियों को धराशायी किया गया।*
- नक्सलियों पर 1.14 करोड़ रुपये का ईनाम घोषित था। ज्वाईंट टॉस्क फोर्स का गठन किया गया।
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भूमाफिया पर बोले-
- भोपाल, टीकमगढ़, इंदौर, अशोकनगर व सागर पंजीकृत प्रकरण में टॉप-5 जिले।
- मुक्त कराई गई भूमि के आधार पर प्रथम 5 जिलों में टीकमगढ़, अशोकनगर, ग्वालियर, जबलपुर व सीहोर।
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कलेक्टर-एसपी में मित्रता-
शिवराज ने कहा कि कलेक्टर और एसपी की मित्रता देखने को मिलती है। वास्तव में ऐसा होने से समाधान के मार्ग निकलते हैं। जिला स्तर पर कोर टीम हो जो क्रियान्वित योजनाओं की समीक्षा करे और लागू होने वाले कल्याणकारी कार्यक्रमों के बारे में गंभीरता से विचार करे। यह एक्सरसाइज आमजन के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।
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ये कार्यक्रम अहम-
शिवराज ने कहा कि 3 फरवरी को विदिशा से किसानों को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की राशि अंतरित करने, संत रविदास जयंती पर 5 फरवरी से पूरे प्रदेश में विकास यात्रा के शुभारंभ और 8 फरवरी को सागर में संत रविदास महाकुंभ के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। तीनों महत्वपूर्ण कार्यक्रम हैं।
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केन-बेतवा को मिलेंगे 3500 करोड़-
आम बजट में मध्यप्रदेश के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना के लिए बजट प्रावधान किया है। इसमें मध्यप्रदेश को 3500 करोड़ मिलेंगे। केन-बेतवा के लिए पन्ना-छतरपुर की 5480 हेक्टेयर गैर-वन सरकारी जमीन हस्तातंरण की प्रक्रिया हो चुकी है। इस परियोजना पर कुल 46 करोड़ खर्च होना है। परियोजना में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के 13 जिले आते हैं। इनमें मध्यप्रदेश के 9 जिले पन्ना, टीकमगढ, छतरपुर, सागर, दमोह, दतिया, विदिशा, शिवपुरी और रायसेन आते हैं।
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