पहले वेटिंग से भरने की कोशिश, फिर बी ग्रेड विद्यार्थियों के प्रवेश के दे दिए निर्देश प्रवीण मालवीय भोपाल. शिक्षा विभाग ने बड़े-बड़े दावों के साथ ब्लॉ
तहसील में खोल दिए मॉडल स्कूल प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से भोपाल, रीवा और जावरा में तीन मॉडल स्कूल संचालित किए जाते हैं। इन स्कूलों में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों की लाइन लगती थी। भोपाल के मॉडल स्कूल की ही बात करें तो मात्र ५०० सीट के लिए 700 से 800 आवेदन तक आते थे।
केन्द्र के फंड से विकासखंडों में बड़े-बड़े भवन बनाकर मॉडल स्कूल तो बना दिए, लेकिन प्रचार प्रसार न होने से एेसा माहौल बन गया कि छात्र नहीं मिल रहे। इस संबंध में आयुक्त जयश्री कियावत ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, कि मॉडल स्कूलों में खाली चल रही सीटों पर सीधे प्रवेश दिए जाएं।
इन विद्यालयों में सीधे दे रहे हैं सीधे प्रवेश शिक्षा विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर अलीराजपुर के कतियावाड़ा और उदयगढ़, अनूपपुर के कोतमा, बड़वानी के निवाली, पानसेमल, राजपुर और सेंधवा, भिंड के गोहर छतरपुर के लौड़ी, छिंदवाड़ा के तामिया और जामई,
दमोह के हटा और पथरिया, दमोह के हटा और पथरिया, , धार के बदनावर, बाग, डही, धरमपुरी, गंधवानी, कुक्षी, मनावरा, नालछा, निसरपुर , तिरला और उमरबान, डिंडौरी के बजाग, गुना के आरोन, बमोरी और चांचोड़ा, ग्वालियर के डबरा, भितरवार, घाटीगांव, होशंगाबाद के सोहागपुर, इंदौर के देपालपुर और सांदेर, झाबुआ के रामा और सनापुर, खंडवा के खलावा, बलड़ी,
मण्डला के मवई, मुरैना के जौरा, राजगढ़ के ब्यावरा, रतलाम के बाजना, शहडोल के ब्यौहारी, भटिया, गोहपारू, जेयसिंह नगर और सोहागपुर , श्योपुर के कराइल, शिवपुरी के कोलारस और पोहरी, सीधी के कुसमी, विदिशा के नटेरन और सिरौंज में विकासखंड के अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को सीधे प्रवेश देने के निर्देश दिए है।