अतिरिक्त विशेषज्ञ की पूर्ति हेतु प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में सी.पी.एस. का कोर्स संचालित किया जा रहा है तथा वर्ष 2021-22 में 4 जिलों में डीएनबी का पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है।
रेफरल काम करने जिला अस्पतालों में मिलेगी विशेषज्ञों से लेकर आईसीयू, एचडीयू आइसोलेशन सुविधा
भोपाल। मध्यप्रदेश में रेफरल मरीजों को कम करने के लिए जिला अस्पतालों का उन्नयन किया जा रहा है। अस्पतालों में चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ आईसीयू, एचडीयू वार्ड, आइसोलेशन वार्ड एवं डायग्नॉस्टिक्स सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
जिला अस्पतालो में रेफरल को कम करने और जिले में ही संपूर्ण चिकित्सा उपलब्ध करने के उद्देश्य से प्रदेश के 48 जिला अस्पतालो एवं 9 सिविल हॉस्पिटल में वेट लीज रेंटल रीएजेंट मॉडल के माध्यम से उच्च गुणवत्ता वाली हाई एंड टाइप की कुल 101 प्रकार की डाइग्नोस्टिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। आगामी 6 माह में शेष 4 जिलों में सुविधाएँ उपलब्ध करा दी जायेगी।
1068 चिकित्सकों को बनाया प्रभारी विशेषज्ञ
जिला अस्पतालो में विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेषज्ञों के पदों में वृद्धि हेतु कुल 1068 चिकित्सा अधिकारियों (विशेषज्ञ डिग्री, डिप्लोमाधारी) को प्रभारी विशेषज्ञ बनाते हुये उनसे विशेषज्ञ का कार्य लिया जा रहा है। 25 प्रतिशत विशेषज्ञों के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की कार्यवाही की जायेगी। इसके अतिरिक्त विशेषज्ञ की पूर्ति हेतु प्रदेश के जिला चिकित्सालयों में सी.पी.एस. का कोर्स संचालित किया जा रहा है तथा वर्ष 2021-22 में 4 जिलों में डीएनबी का पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित किया गया है। उन्होंने बताया कि 50 प्रतिशत जिलों में सुविधाएं दी जा रही है। शेष जिलों में आगामी 6 माह में सुविधाएं सुचारू रूप से संचालित हो जायेगी।
11 हजार 184 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स
प्रदेश में 50 जिला अस्पतालो में कुल 585 बिस्तरीय आईसीयू तैयार किये गये है तथा 11 हजार 184 ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स मरीजों के उपचार के लिए स्थापित किये गये है। उन्होंने बताया कि आगामी 6 माह नये आईसीयू बेड्स तथा 2887 नये ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड्स की स्थापना कर ली जायेगी।