भोपाल

सीएम मोहन यादव ने ऐसा हड़काया कि घबरा गए अफसर, एमपी में कुछ ही घंटों में निपट गईं 500 शिकायतें

CM Helpline : सीएम हेल्पलाइन के एक दिन में बंद कर दिए 500 केस, लंबित शिकायतों पर कार्रवाई से घबराए अफसर
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Aug 24, 2026
सीएम मोहन यादव की सख्ती से हेल्पलाइन के 500 केस बंद
सीएम मोहन यादव की सख्ती से हेल्पलाइन के 500 केस बंद- CM Mohan Yadav फोटो सोर्स : mp jansampark

CM Mohan Yadav : मध्यप्रदेश में सीएम हेल्पलाइन की स्थिति खराब है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में सैंकड़ों शिकायतें लंबे समय से पेंडिंग हैं। इस पर सीएम मोहन यादव सख्त रुख अपना चुके हैं। उन्होंने कड़े कदम उठाते हुए 500 दिन या इससे ज्यादा समय से लंबित शिकायतों को विशेष समीक्षा के दायरे में रखा है। इतना ही नहीं, लापरवाही बरतने पर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा रही है। इससे घबराए अफसरों ने रविवार को सीएम हेल्पलाइन की सैंकड़ों शिकायतें बंद कर दीं। कुछ ही घंटों में 500 लंबित शिकायतों का निपटारा कर दिया गया।

सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline) को सरकार ने प्राथमिकता सूची में रखा है। सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि पुरानी और लंबित शिकायतों का तत्काल और पारदर्शी तरीके से निराकरण करें। हालांकि इसका पालन नहीं किया जा रहा।

शासन के निर्देशानुसार सीएम हेल्पलाइन में 500 से ज्यादा दिनों से लंबित शिकायतों का संतोषजनक समाधान न होने पर सख्त कदम उठाते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। लंबे समय तक केस का निराकरण नहीं करने के जिम्मेदार अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। कारण बताओ नोटिस जारी कर वेतन रोकने की चेतावनी दी गई है। उज्जैन सहित कई जिलों में पेंडिंग शिकायतों पर लापरवाही बरतने पर तहसीलदार जैसे वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। वेतन वृद्धि रोकने के साथ ही विभागीय जांच के भी निर्देश दिए गए हैं।

सीएम मोहन यादव के कड़े रुख और प्रशासनिक कार्रवाई के कारण अधिकारी घबरा रहे

सीएम मोहन यादव के कड़े रुख और प्रशासनिक कार्रवाई के कारण अधिकारी घबरा रहे हैं। इसी गहमागहमी के बीच सीएम हेल्पलाइन की लंबित 500 शिकायतें रविवार को बंद कर दी गईं। बताया जा रहा है कि ये रैंकिंग की सुधार में परेशानी बन रही थी।

सोमवार को सीएम हेल्पलाइन की पेंडेंसी पर पूछताछ

सीएम हेल्पलाइन की इन लंबित शिकायतों को हर हाल में बंद करने के लिए कहा जा रहा था। प्रशासनिक स्तर पर इनका संतुष्टिप्रद निपटान करना था, लेकिन ये विभागीय स्तर पर ही एकतरफा जवाब देकर बंद कर दी गई। दरअसल सोमवार को सीएम हेल्पलाइन की पेंडेंसी पर पूछताछ होनी है। इसलिए लंबित शिकायतों को रिकॉर्ड से निराकृत बता दिया गया।

प्रशासनिक बैठकों में इनपर सख्ती से जवाब मांगा जाता है

बता दें कि 500 दिन या उससे ज्यादा समय से लंबित शिकायतों को विशेष समीक्षा के दायरे में रखा गया है। प्रशासनिक बैठकों में इनपर सख्ती से जवाब मांगा जाता है। संतुष्टीजनक उत्तर नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की तलवार लटक जाती है।

Updated on:
24 Aug 2026 10:03 am
Published on:
24 Aug 2026 10:03 am