
भोपाल। कोरोना का असर कम हो गया है। प्रवेश में अब रोज 20 से भी कम मरीज मिल रहे हैं। एक्टिव केस 200 से नीचे आ गए हैं। प्रदेश में अब कोरोना से पीड़ित 185 मरीज ही बचे हैं, इनमें अधिकतर होम क्वॉरंटाइन हैं। मरीजों के लिए बनाए कोविड केयर सेंटर खाली पड़े हैं, ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कोविड केयर सेंटर को बंद कर रहा है। हेल्थ कमिश्नर के आदेश में कहा गया है कि अगर मरीजों को भर्ती करने की जरूरत हुई तो जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में भर्ती किया जा सकता है।
नहीं कर पाएंगे कोरोना का इलाज
आदेश में कहा गया है कि कोई भी निजी अस्पताल कोरोना के मरीजों का इलाज नहीं कर सकता। कोरोना संक्रमित का इलाज उन्हीं निजी अस्पतालों में होगा, जिन्हें सीएमएचओ द्वारा इलाज की मंजूरी दी गई है। बिना सार्थक पोर्टल पर एंट्री किए और सीएमएचओ की मंजूरी के बिना कोरोना मरीजों के इलाज पर कड़ी कार्यवाई की जाएगी।
मेडिकल कॉलेज को किया अलर्ट
आदेश में कोरोना की तीसरी को देखते हुए जिला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेजों को हर संभव तैयारी रखने को कहा गया है। इसके साथ ही एक कोरोना संक्रमित मिलने पर उसके संपर्क में आए 25 लोगों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग करने के आदेश दिए गए हैं। अब 20 लोगों की हाईरिस्क कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जा रही थी।