8 सीटों पर 3.93 फीसदी की कमी, ओवरऑल भी बीते लोकसभा चुनाव को नहीं छू पाया, तीन चरणों में कम, लेकिन चौथे चरण में हुई बंपर वोटिंग
प्रदेश की आठ सीटों पर चौथे चरण में अब तक का सबसे ज्यादा 71.72 प्रतिशत मतदान हुआ। फिर भी यह पिछले चुनाव का आंकड़ा नहीं छू पाया। इसके साथ ही राज्य की सभी 29 सीटों पर मतदान खत्म हो गया। चारों चरण में मिलकर मप्र में 66.20 फीसदी मतदान हुआ, जो 2019 के 71.16 फीसदी से 4.96 फीसदी कम है। चौथे चरण में सबसे ज्यादा मतदान खरगोन में 75.79 फीसदी और सबसे कम इंदौर में 61.75 फीसदी हुआ।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि मतदान के दौरान कई जगह अंधड़-बारिश हुई, फिर भी मतदाता बूथों पर गए। प्रदेश में लोकसभा चुनाव में विधानसभा 2023 से 11.62 फीसदी कम वोटिंग हुई है। विधानसभा में 77.82त्न वोटिंग हुई। चौथे चरण की 8 सीटों पर भी विस से 2.75 त्न कम वोटिंग हुई है। विस में मतदान प्रतिशत 74.47 रहा, वहीं लोस में 71.72 फीसदी वोटिंग हुई है।
रतलाम के लंबाखोरा (जावरा विस) के ग्रामीणों ने सड़क व नाले की समस्या पर मतदान बहिष्कार किया। दोपहर में एडीएम की समझाइश पर वोटिंग शुरू हुई। इधर, प्रदेश में मॉकपोल के दौरान 47 बैलेट यूनिट, 48 कंट्रोल यूनिट और 90 वीवीपैट बदली। मतदान शुरू होने के बाद 13 बीयू, 13 सीयू और 35 वीवीपैट बदली गईं।
हम अखाड़े के पहलवान हैं, इंदौर में जब कोई मैदान में ही नहीं है। कांग्रेस मैदान छोड़कर भाग गई तो फिर क्या दांव बताए जाएं। इंदौर सबसे ज्यादा मतों से जीतने वाली सीट रहेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को उज्जैन में पत्नी और बच्चों के साथ फ्रीगंज के बूथ नंबर 60 पर मतदान किया। वोटिंग के बाद बोले-चौथे चरण की 8 सहित प्रदेश की 29 लोकसभा सीट भाजपा जीत रही है। देश में 400 पार का नारा भी सच होगा।