भोपाल

स्कूलों में बच्चों ने क्या-क्या सीखा, ऐसे पता लगाएगी सरकार

मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा को लेकर बहुत गंभीर है। विशेष रूप से छोटे बच्चों को लेकर। सरकार अब यह बता लगाएगी कि उन्होंने क्लास में क्या-क्या सीखा है। सरकार इसके लिए 'मिशन अंकुर' शुरू कर रही है। इसके तहत सरकार प्रदेश में कक्षा 2 और कक्षा 3 में पढ़ने वाले 80 हजार से अधिक बच्चों का वार्षिक आकलन करेगी। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए कार्य-योजना बनाई जाएगी।
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Feb 17, 2024
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19 से 22 फरवरी तक चलेगा मिशन
अंकुर का मिशन 19 से 22 फरवरी तक चलेगा। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 2 और 3 में पढ़ने वाले बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता का वार्षिक मूल्यांकन नमूना के रूप में 19 से 22 फरवरी तक 4 हजार 800 स्कूलों में एक साथ किया जाएगा। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसके लिए परिपत्र जारी कर दिया है।

51 जिलों के 322 विकासखंडों में होगा
बताया जा रहा है कि 51 जिलों के 322 विकासखंडों में होगी। इसके लिए राज्य शिक्षा केन्द्र ने नोडल प्रबंधक नियुक्त किया है। मूल्यांकन प्रक्रिया में आकांक्षी जिलों को भी शामिल किया है। वार्षिक जनगणना के दौरान गठित टीमें प्राथमिक विद्यालयों में जाकर सर्वेक्षण का कार्य करेंगी

वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर 2024-25 की कार्ययोजना
वार्षिक मूल्यांकन का उद्देश्य 2 और 3 कक्षा के छात्रों के सीखने के परिणामों की जांच करना है। इस वार्षिक मूल्यांकन में कक्षा 2 के 39 हजार और कक्षा 3 के 42 हजार विद्यार्थियों शामिल किया गया हैं। वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे और 2024-25 शैक्षणिक वर्ष के लिए एक शैक्षणिक कार्य योजना विकसित की जाएगी।

अंकुर मिशन का प्रबंधन केंद्र सरकार के निपुण भारत अभियान द्वारा किया जाएगा। दिलचस्प बात यह है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने केंद्र सरकार के निपुण भारत अभियान के तहत इस योजना को राज्यों में लागू करने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र भोपाल ने जिलों की वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट भी 24 फरवरी तक जमा करने के निर्देश दिए हैं।

Updated on:
17 Feb 2024 03:11 pm
Published on:
17 Feb 2024 03:10 pm