चंबल और सिंध नदियों में भारी उपकरणों से अवैध उत्खनन से प्रभावित हो रहा नदी का प्रवाह, रेत माफिया अधिकारियों पर भी कर चुके हमले
भोपाल.एनजीटी में भिंड जिले के लहार से विधायक डॉ गोविंद सिंह ने चंबल संभाग में अवैध रेत उत्खनन को लेकर याचिका दायर की है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए एनजीटी ने मध्य प्रदेश केमुख्य सचिव, खनिज विभाग के प्रमुख सचिव, एमपीपीसीबी, चारों जिलों के कलेक्टर और माइनिंग अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। एनजीटी सेंट्रल जोन बेंच के जस्टिस शिव कुमार सिंह और अरुण कुमार वर्मा ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई की। याचिका में विधायक ने बताया है कि चंबल और सिंध नदियों में भिंड, दतिया, ग्वालियर और मुरैना जिले के विभिन्न स्थानों पर अवैध तरीके से रेत माफिया द्वारा भारी उपकरण जैसे सबमरीन, जेसीबी मशीन, पोकलेन मशीन आदि के द्वारा रेत का अनियंत्रित उत्खनन किया जा रहा है। इस अवैध रेत उत्खनन के कारण नदी का स्वतंत्र प्रवाह बहुत बुरी तरह प्रभावित हो रहा है जोकि पर्यावरण के साथ मानव के लिए भी खतरनाक है। रेत माफिया यहां पर इतने बेखौफ हो गए हैं कि वह पुलिस और वन विभाग के अधिकारी के ऊपर भी हमला कर चुके हैं। एनजीटी ने माना कि याचिका में न केवल बारंबार नियमों के उल्लंघन का मामला है बल्कि अपनी वैधानिक ड्यूटी निभा रहे अधिकारियों पर माफिया द्वारा हमले का भी गंभीर मामला शामिल है। इसलिए एनजीटी ने सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। उनसे 4 सप्ताह में जवाब मांगा गया है। याचिकाकर्ता को भी 1 सप्ताह में सभी संबंधित पक्षकारों को याचिका से संबंधित शिकायत और सभी दस्तावेज देने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 4 अक्टूबर को तय की गई है।