14 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

लापरवाही पर नाराज हुए सीएम मोहन यादव, 1 तहसीलदार, 2 पटवारी सहित 7 अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

CM Mohan Yadav Action: सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही पर जताई नाराजगी, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, उत्कृष्ट काम करने वाले अधिकारियों का किया जाएगा सम्मान।
2 min read
Google source verification
cm mohan yadav

cm mohan yadav action officers suspended madhya pradesh, लापरवाही बरतने पर सीएम मोहन यादव ने लिया सख्त एक्शन (Source- cm mohan yadav facebook)

Bhopal CM Mohan Yadav Action: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को एक बार फिर सख्ती के मूड में दिखाई दिए। उन्होंने जनता के कामों में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर ताबड़तोड़ एक्शन लेकर उन्हें निलंबित कर दिया। दरअसल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत जिला स्तरीय समाधान कार्यक्रम में शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब पर जिम्मेदारी निर्धारित कर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को भी लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए।

सीएम का ताबड़तोड़ एक्शन

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समय पर नामांतरण नहीं करने वाले तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार सहित दो पटवारियों मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा समय पर पीएम आवास की किश्त प्रदाय नहीं करने के मामले में दो मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (सीएमओ) मायाराम सोलंकी, जगदीश धांगड़ व सहायक यंत्री राजू डावर को भी निलंबित तथा संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इन्दौर एसके सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इस दौरान सीएम ने कहा कि उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान किया जायेगा, लेकिन लापरवाही करने पर अधिकारी दण्डित होंगे।

'समस्याओं के निराकरण में विलंब स्वीकार्य नहीं'

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ समय-सीमा में मिले तथा शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक विलंब न हो। उन्होंने लंबित प्रकरणों में जवाबदेही तय करते हुए त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को अपने अधिकार और योजनाओं के लाभ के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिकायतों के निराकरण में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए उसका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को और मजबूत करना तथा समस्याओं का मौके पर प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।