
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Photo-IANS)
Rahul Gandhi Madhya Pradesh visit- कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सितंबर में मध्यप्रदेश के दौरे पर रहेंगे। वे उज्जैन और रीवा के संभागीय सम्मेलनों में हिस्सा लेंगे। छात्रों की गूंज कार्यक्रम के तहत उनका दौरा प्रस्तावित है। इसे देखते हुए प्रदेश में कांग्रेस नेताओं ने तैयारी भी शुरू कर दी है। हाल ही में दतिया उपचुनाव में कांग्रेस को दोबारा जीत मिली है और कांग्रेस अब नई ऊर्जा के साथ 2028 में होने वाले चुनाव को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। यही कारण है कि कांग्रेस ने मध्यप्रदेश के कई विभागों की समितियां भंग कर दी है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी अगले माह मध्यप्रदेश के उज्जैन और रीवा दौरे पर आने वाले हैं। उनके प्रस्तावित दौरे को लेकर कांग्रेस नेताओं ने तैयारी तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहुल गांधी सीधा संवाद भी करने वाले हैं। बूथ और पंचायत स्तर के संगठन पर फोकस करते हुए कांग्रेस आगे की रणनीति बना सकती है। हाल ही में कांग्रेस को दतिया उपचुनाव में मिली ऑक्सीजन के बाद कांग्रेस उत्साहित है। वो इसे अगले चुनाव में बदलाव का संकेत मानकर चल रही है। कांग्रेस के अंदर चर्चा है कि कई समितियों में युवा वर्ग को मौका दिया जाएगा और 2028 के चुनाव को ध्यान में रखते हुए रणनीति अभी से बनाई जाएगी।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी राहुल गांधी के दौरे की जानकारी मीडिया को दी है। उन्होंने कहा है कि वे रीवा और उज्जैन संभाग के सम्मेलनों में भाग लेंगे। जीतू पटवारी के इस बयान के बाद दोनों ही संभागों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
इधर, रीवा में कांग्रेस नेता सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के तहत सितम्बर के पहले सप्ताह में आने वाले हैं। रीवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा और शहर अध्यक्ष अशोक पटेल ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी है। रीवा के जरिए नीट पेपर लीक मामले के मुद्दे को उठाया जा सकता है।
उज्जैन संभागीय सम्मेलन में कई जिलों से जुड़े पदाधिकारी शामिल हो सकते हैं। इसमें मंडलम, पंचायत और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से सीधी बात करेंगे और उनका फीडबैक भी लेंगे। राहुल गांधी के बारे में चर्चा है कि उज्जैन दौरे के वक्त वे महाकाल दर्शन करने जा सकते हैं। अभी दर्शन का वक्त और कार्यक्रम तय नहीं हुआ है।
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस को जीत मिली है, इसे कांग्रेस जेन जी के कारण जीत बता रही है। इसके अलावा हाल ही में दिल्ली में हुए जेन-जी के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस मध्यप्रदेश में जेन-जी की मदद से माहौल बनाना चाहती है। सूत्रों के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को भी एमपी बुलाया जा सकता है। वे युवाओं से संवाद करेंगे। क्योंकि दिल्ली में हाल ही में 26 दिनों तक आमरण अनशन के बाद वे देशभर में चर्चाओं में आ गए थे और युवा वर्ग ने उनका काफी समर्थन किया था।
मध्यप्रदेश में युवाओं की संख्या पहले से बढ़ गई है। मतदाता सूची पुनरीक्षण के बाद 18 से 29 साल के मतदाताओं की संख्या एक करोड़ 43 लाख हो गई है, जो कुल मतदाताओं का 25 फीसदी है।
इधर, दिल्ली में गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान राहुल गांधी ने प्रतिनिधिमंडल के साथ इस प्रोजेक्ट से पैदा होने वाली समस्याओं और उनकी मांगों पर भी चर्चा की। राहुल ने सोशल मीडिया एक्स पर इस बारे में लिखा है कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने के बावजूद पुलिस बल का प्रयोग कर उनका विरोध का अधिकार छीना गया। भाजपा सरकार ने फिर संवाद के स्थान पर अन्याय का रास्ता चुना। सरकारी योजना के लिए उनका गांव उजाड़ा गया, तो न्यायपूर्ण मुआवजा, सम्मानजनक पुनर्वास की मांग तो उनका जायज हक है। राहुल ने लिखा है कि जल जंगल जमीन सिर्फ संसाधन नहीं, आदिवासी समाज की जीवन रेखा है।
Updated on:
13 Aug 2026 09:01 pm
Published on:
13 Aug 2026 08:57 pm
