MP News: केंद्र के 'डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम' के तहत इसे लागू किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के लिए तहसील व सब रजिस्ट्रार कार्यालयों को डिजिटली एक ही प्लेटफार्म पर लाया जा रहा है।
MP News:मध्य प्रदेश में मकान-दुकान खरीदी करने वाले को अगले माह से रजिस्ट्री के बाद अलग से नामांतरण की प्रक्रिया नहीं करनी होगी। रजिस्ट्री के समय ही नामांतरण के लिए पूछा जाएगा, हां होने पर तहसील कार्यालय में प्रकरण बढ़ा दिया जाएगा। तय समय में नामांतरण होकर रिकॉर्ड अपडेट हो जाएगा। केंद्र के 'डिजिटल इंडिया भूमि रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम' के तहत इसे लागू किया जा रहा है।
करीब एक साल पहले इसके लिए काम शुरू हुआ था। कृषि भूमि में ऑटो नामांतरण पहले ही शुरू हो चुका है, अब बाकी प्रॉपर्टी में भी जमीनी काम शुरू हो रहा है। इस प्रक्रिया के लिए तहसील व सब रजिस्ट्रार कार्यालयों को डिजिटली एक ही प्लेटफार्म पर लाया जा रहा है। इस माह आखिर तक इसकी प्रक्रिया कर ली जाएगी।
तहसील और सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के आपस में जुड़ने से आम जनता और सरकार दोनों को बड़े स्तर पर लाभ होगा। यदि कोई व्यक्ति प्रॉपर्टी बेचता है तो तहसील के रिकॉर्ड में वह तुरंत 'लॉक' या 'अपडेट' हो जाएगी, जिससे वह उसी जमीन को दोबारा किसी और को नहीं बेच पाएगा। आधार लिंकिंग और बायोमेट्रिक से यह सुनिश्चित होगा कि केवल असली मालिक ही संपत्ति का सौदा कर रहा है।
अक्सर जमीन के विवाद इसलिए होते हैं क्योंकि राजस्व रिकॉर्ड खसरा खतौनी और रजिस्ट्री के दस्तावेजों में अंतर होता है। दोनों विभागों के एक ही डेटाबेस से जुड़ने के कारण रिकॉर्ड में एकरूपता आएगी। 2026 के अंत तक प्रदेश की सभी तहसीलों और पंजीयन कार्यालयों को 100 फीसदी डिजिटल रूप से जोड़ दिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से संपत्ति से जुड़े भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े पर भी काफी हद तक अंकुश लगने की उम्मीद है। पहले जहां नामांतरण के लिए लोगों को बार-बार तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे, वहीं अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही, ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से आवेदक अपने प्रकरण की स्थिति भी आसानी से देख सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की डिजिटल भूमि प्रबंधन प्रणाली देश के अन्य राज्यों में भी लागू की जा रही है और इसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मध्य प्रदेश में इसका पूर्ण क्रियान्वयन होने के बाद भूमि से जुड़े मामलों में तेजी, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी, जिससे निवेश और विकास को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
रिकॉर्ड रियल टाइम अपडेट होगा- कलेक्टर
तहसील व सब रजिस्ट्रार कार्यालय एक ही प्लेटफार्म पर काम करेंगे तो आमजन को लाभ होगा। रिकॉर्ड रियल टाइम अपडेट होगा। हमारी टीम के लिए काम कर रही है।-कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर