- कम दबाव का क्षेत्र ऊपरी हवा के चक्रवात में बदला, उत्तर पूर्वी मप्र को किया पार, शनिवार तक उत्तर पश्चिमी प्रदेश तक पहुंचेगा - मानसून की बारिश सामान्य स्तर पर पहुंची, अब तक सामान्य से एक फीसदी ज्यादा
भोपाल. मानसूनी गतिविधियों को बढ़ाने वाला कम दबाव का क्षेत्र प्रदेश के मुहाने पर पहुंचते-पहुंचते ही कमजोर हो गया है। यह सिस्टम शुक्रवार को कम दबाव के क्षेत्र से ऊपरी हवा के चक्रवात में बदल गया। यह उत्तर पूर्वी मप्र को पार कर चुका है जोकि शनिवार तक प्रदेश के उत्तर पश्चिमी हिस्से या इससे सटे उत्तर प्रदेश में पहुंच सकता है। सिस्टम के प्रदेश में आने से शुक्रवार को भी कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां हुई लेकिन अब धीरे-धीरे इनके कम होने का अनुमान है, अगले दो दिनों में बारिश कम होती जाएगी, जिसके बाद मौसम शुष्क होने लगेगा।
कई हिस्सों में अच्छी बारिश मिलने के बीच लम्बी समयावधि में मानसूनी बारिश सामान्य स्थिति में आ गई है। प्रदेश में शुक्रवार तक 664.6 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि 20 अगस्त तक बारिश का सामान्य स्तर 659.6 मिमी का है, इस तरह बारिश सामान्य से अधिक रही।
प्रदेश में शुक्रवार सुबह तक बीते 24 घंटों में रतलाम में तीन इंच, सतना में दो इंच, खंडवा और रायसेन में ढा़ई -ढ़ाई इंच, बैतूल, होशंागाबाद में लगभग एक इंच, भोपाल में आधा इंच बारिश हुई। इसके अलावा एक दर्जन शहरों में दो से पांच मिमी बारिश दर्ज हुई।
इसी क्रम में दिन में भी बारिश जारी रही और शुक्रवार शाम तक सतना, बालाघाट में लगभग पौने दो इंच, सागर, खंडवा में डेढ़ इंच, इंदौर, नौगांव में आधा इंच तो भोपाल रीवा में सात-सात मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं कई शहरों में एक से पांच मिमी बारिश हुई।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सिस्टम कमजोर होकर ऊपरी भाग का चक्रवात बन चुका है, वहीं मानसून द्रोणिका इस समय प्रदेश के ऊपर से गुजर रही है जो सामान्य से दक्षिण की ओर है, इससे नमी आती रहेगी, जिससे एक दो दिनों तक मानसूनी वर्षा होते रहने का अनुमान है, लेकिन सिस्टम के कमजोर होने के साथ मानसून द्रोणिका के ऊपर जाते जाने और धीरे-धीरे हिमालय की तराई की ओर जाने की उम्मीद है। इसके साथ ही बारिश में भी कमी आती जाएगी।