भोपाल

जानें कौन थे लाखा बंजारा, पीएम मोदी ने क्यों किया याद

PM मोदी ने लाखा बंजारे के योगदान जैसे उनके काम और जलसंरक्षण को मंच से याद करते हुए उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने की बात कही, आइए जानते हैं आखिर कौन थे लाखा बंजारा? पीएम मोदी ने आज क्यों किया लाखा बंजारा को याद...

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Aug 12, 2023

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को एमपी के दौरे पर थे। पीएम मोदी ने सागर जिले मेंं सामाजिक समरसता के मंच पर 'लाखा बंजारे' का नाम लिया। मोदी ने लाख बंजारे के योगदान जैसे उनके काम और जलसंरक्षण को मंच से याद करते हुए उनकी परंपरा को आगे बढ़ाने की बात कही, आइए जानते हैं आखिर कौन थे लाखा बंजारा? पीएम मोदी ने आज क्यों किया लाखा बंजारा को याद...

लाखा बंजारे के लिए क्या बोले पीएम मोदी

सागर में जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने लाखा बंजारे के योगदान को याद करते हुए सामाजिक समरसता के मंच से कहा कि सागर की पहचान लाखा बंजारा झील से भी है। इस धरती पर लाखा बंजारा जैसे वीर का नाम जुड़ा है। लाखा बंजारा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हम अमृत सरोवर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सागर ऐसा जिला है जिसके नाम में तो सागर है ही, इसकी पहचान 400 एकड़ की लाखा बंजारा झील से भी होती है। इस धरती से लाखा बंजारा जैसे वीर का नाम जुड़ा है। लाखा बंजारा ने इतने वर्ष पहले पानी की अहमियत को समझा था, लेकिन जिन लोगों ने दशकों तक देश में सरकारें चलाई, उन्होंने गरीबों को पीने का पानी पहुंचाने तक की जरूरत तक नहीं समझी। परंपरा को आगे अमृत सरोवर बना रहे पीएम मोदी ने कहा कि यह काम भी जलजीवन मिशन के जरिए हमारी सरकार जोरों पर कर रही है। आज दलित बस्तियों, पिछड़े इलाकों, आदिवासी क्षेत्रों में पाइप से पानी पहुंच रहा है। ऐसे ही लाखा बंजारा की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए हर जिले में 75 अमृत सरोवर भी बनाए जा रहे हैं। ये सरोवर आजादी की भावना का प्रतीक ओर समाजिक समरसता का केंद्र बनेंगे।

यहां जानें आखिर कौन थे लाखा बंजारा

आपको बता दें कि इतिहास गवाह है कि सागर की झील का निर्माण कराने वाले बंजारों के सरदार को लाखा बंजारे के रूप में याद किया जाता है। लाखा बंजारे के नाम से ऐतिहासिक पन्नों में सिमटे इस शख्स का असली नाम लख्खी शाह था। आपको जानकर हैरानी होगी कि लाखा बंजारे के पिता दिल्ली में उसी रायसीना हिल्स के मालिक थे, जहां आज राष्ट्रपति भवन और संसद भवन मौजूद हैं। लख्खी शाह नमक और रूई का कारोबार करते थे। सैकड़ों बैलगाड़ी, घोड़ागाड़ी और ऊंटगाड़ी से देशभर की यात्राएं करते थे। विदेशों तक उनका कारोबार था। सिक्ख इतिहास में उनका नाम बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। यही वो लख्खी शाह हैं, जिन्होंने सागर में ऐतिहासिक झील का निर्माण कराया था। इनसे जुड़ी कई किंवदंतियां भी हैं। स्थानीय भाषा में लख्खी शाह को ही लाखा बंजारा कहकर पुकारा जाता है।

Updated on:
12 Aug 2023 06:20 pm
Published on:
12 Aug 2023 06:17 pm
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