6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

CM का बड़ा फैसला, MP में बनेगा व्यापारी कल्याण बोर्ड, 38 हजार 555 करोड़ के प्रोजेक्ट्स मंजूर

Mohan Yadav Big Decision: पश्चिमी बंगाल में भाजपा की जीत पर एमपी सीएम समेत कैबिनेट मिनिस्टर्स ने झालमुड़ी खाकर मनाया जश्न, मोहन सरकार ने लिया बड़ा फैसला, एपमी में बनेगा राज्य स्तरीय व्यापारी कल्याण बोर्ड, पश्चिमी बंगाल, तमिलनाडू के बाद ऐसा करने वाला एमपी बनेगा देश का तीसरा राज्य

2 min read
Google source verification
Cm Mohan Yadav big Decision

Cm Mohan Yadav big Decision (photo: CM FB)

Mohan Yadav Big Decision: पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद मोहन सरकार ने मंगलवार को 'झालमुड़ी वाली' कैबिनेट बैठक आयोजित की। इसमें औद्योगिक निवेश व व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए राज्य स्तरीय व्यापारी कल्याण बोर्ड बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मध्यप्रदेश ऐसा करने वाला पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु के बाद तीसरा राज्य होगा।

यह बोर्ड राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड की तरह काम करेगा। मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष होंगे। एमएसएमई मंत्री सदस्य रहेंगे। 10 से ज्यादा विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, व्यापार और उद्योग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ लोगों को सदस्य बनाया जाएगा। सभी के सुझावों पर यह काम करेगा। इसकी शाखाएं प्रत्येक जिले में भी होगी, जो कलेक्टर के अधीन काम करेंगी।

यह सरकार और व्यापारी-उद्योगपतियों के बीच सेतु का काम करेगा, मध्यप्रदेश की आर्थिक तरक्की में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह बोर्ड अगले दो महीने में काम करना शुरू कर देगा। उधर, सरकार ने जनकल्याण से सिंचाई, बिजली, सड़क, औद्योगिक क्षेत्र विकास से जुड़े 38,555 करोड़ के कामों की निरंतरता को मंजूरी दी है।

भोपाल को क्लस्टर

भोपाल के बांदीखेड़ी में बनाए जा रहे इलेक्ट्रानिक्स मैन्युफेक्चरिंग क्लस्टर की स्थापना (ईएमसी 2.0) जैसे कामों के लिए 1295 करोड़ के कामों को स्वीकृति दी है।

बोर्ड बनने से क्या फायदा

-व्यापारिक समुदाय के हितों के संरक्षण के लिए काम होंगे।

-प्रदेश के विकास और उसमें आने वाली समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।

-बोर्ड व्यापारियों और सरकार के बीच सीधा संवाद तंत्र स्थापित करेगा।

- व्यापारिक क्षेत्र की बाधाओं को चिह्नित किया जाएगा, उन्हें दूर करने के लिए काम होंगे।

सीएम समेत मंत्रिमंडल ने लिया झालमुड़ी का स्वाद

पार्टी की जीत पर मोहन कैबिनेट ने पीएम नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं प्रेषित की। इस मौके पर मुख्यमंत्री, मत्रियों ने झालमुड़ी का स्वाद भी लिया।

हटेगा बैन, 15 जून तक होंगे ट्रांसफर!

सब ठीक रहा तो सरकार तबादलों पर से बैन 12 मई के बाद कभी भी हटा सकती है। राज्य के कर्मचारी 15 जून तक तबादला करा सकेंगे। सीएम डॉ. यादव ने कैबिनेट बैठक में इसके संकेत दिए।

असल में सीएम ने बैठक में अपनी तरफ से तबादला नीति पर चर्चा छेड़ी। अफसरों से पूछा कि नीति कहां है। जवाब मिला, तैयार है। कुछ बिंदुओं पर चर्चा बाकी है। अगली कैबिनेट बैठक में पेश कर देंगे। सूत्रों के मुताबिक सीएम ने कहा, मसौदा जल्द पेश करें। तबादलों का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।

सीएम के अचानक संज्ञान लेते ही कई मंत्रियों के चेहरे खिल गए। असल में मंत्री क्षेत्र में काम करते हैं। जनता और कार्यकर्ताओं का सीधा वास्ता इन्हीं से पड़ता है। लंबे समय से तबादले की मांग उठ रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा नीति पर संज्ञान लेने से तय है कि यह अगली कैबिनेट में लाई जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन

सूत्रों के मुताबिक विभागीय मंत्री को एक से दूसरे जिले में तबादला करने की छूट मिलेगी। ऑनलाइन अनुशंसा-पत्र जारी करने होंगे। प्रभारी मंत्रियों को जिले में ही तबादला करने के अधिकार होंगे। कुछ मामलों में आवेदन विभाग प्रमुखों के पास से विभागीय मंत्री, प्रभारी मंत्रियों को पेश किए जाएंगे। बीते साल 1 मई से तबादले खोले गए थे। तब पहली बार तीन की जगह चार स्लैब बने थे। तबादला करने के दायरे को 2 से 3 प्रतिशत तक बढ़ाया था।