World Happiness Day: एम्स भोपाल की केस स्टडी बताती है कि नेगेटिव माइंड सेट वाले मरीजों में रिकवरी पॉजिटिव माइंड सेट वाले मरीजों की तुलना में बेहद स्लो होती है।
World Happiness Day: खुश रहने के लिए वर्तमान में जीना जरूरी है। यह संदेश विश्व हैप्पीनेस दिवस के मौके पर एमपी में एम्स भोपाल के हैप्पीनेस सेंटर ने दिया है। विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में क्या होगा और इतिहास के बुरे पलों को याद कर चिंतित व निराश रहना जीवन की गुणवत्ता को खराब करता है।
यदि आप बैठे-बैठे कहीं खो जाते हैं, पुराने बुरे पलों को याद करते हैं और खजाना मिलने व लॉटरी लगने जैसे ख्याल बुनते हैं तो आप वर्तमान से दूर जा रहे हैं। इससे बचने के लिए एक समय में एक ही काम करें। रोजाना 10 मिनट शांत बैठे और अपने दिमाग को भटकने से रोकें। ऑफिस से घर जाने के नए रास्ते तलाशें। इन उपायों से आप ख्यालों में खोने की जगह वर्तमान में ज्यादा रहेंगे।
एम्स भोपाल की केस स्टडी बताती है कि नेगेटिव माइंड सेट वाले मरीजों में रिकवरी पॉजिटिव माइंड सेट वाले मरीजों की तुलना में बेहद स्लो होती है। इसके साथ मैरिज पर परिजनों के माइंडसेट कभी बड़ा प्रभाव पड़ता है। इसी समस्या के हल के लिए एम्स में हैप्पीनेस सेंटर संचालित किया जा रहा है, जिसमें अब तक 1000 से अधिक लोगों की काउंसलिंग की गई है। जिसके परिणाम स्वरूप पहले के मुकाबले उनके जीवन गुणवत्ता व माइंडसेट में सुधार देखा गया है।
हमारा आगे फॉक्स रिसर्च पर है, जिससे खुश रहने से मिलने वाली शक्ति और होने वाले लाभ को साइंटिफिकली प्रूफ कर सकें। डॉ. रुचि सिंह, चेयरपर्सन, हैप्पीनेस सेंटर, एम्स भोपाल
खुश रहना सिर्फ मानसिक शांति का कारण नहीं, बल्कि यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। आजकल आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी की एक बड़ी वजह यही है कि लोग खुद को खुश नहीं रख पाते।
● अपने आसपास मौजूद हर व्यक्ति के सहयोग के लिए उनका आभार जरूर करें।
● समस्या को हल करने की सोचें ना कि उसी के बारे में सोच सोच कर परेशान हो।
● किसी से बात करते समय उसकी बातों को समझने का प्रयास करें ना कि हर बात पर प्रतिक्रिया देने का।
● बुरी घटनाओं से ज्यादा अच्छे पलों को याद करें।
● हर किसी से मुस्कुराते हुए चेहरे के साथ मिले।