राजफैड के अधिकारी से एक केन्द्र पर महज 200 क्विंटल ही मूंगफली की खरीद का कारण पूछने पर वे बगलें झांकते नजर आए। बहुत कुरेदने पर बोले...यह महज ट्रायल है। सोमवार से खरीद बढ़ाकर 50 टोकन रोजाना कर देंगे।
समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर मूंगफली की सरकारी खरीद को मूंगफली की सबसे बड़ी मंडी में पलीता लगता दिखाई दे रहा है। इसे कुछ यूं समझिए कि जिले में स्वीकृत 24 खरीद केन्द्रों पर रोजाना महज पांच-पांच किसानों से 40-40 क्विंटल मूंगफली की खरीद की जा रही है। जबकि अकेले बीकानेर अनाज मंडी में मूंगफली की एक लाख बोरी की आवक फिलहाल रोजना ही बनी हुई है। इतना ही नहीं, राजफैड ने बीकानेर संभाग मुख्यालय पर मूंगफली खरीद के लिए 12 बीघा (श्रीगंगानगर मार्ग अनाज मंडी) और गौण मंडी यार्ड (पूगल रोड अनाज मंडी) में स्वीकृत खरीद केन्द्रों को मर्ज कर एक कर दिया है। इसके बाद भी सबसे बड़ी अनाज मंडी श्रीगंगानगर मार्ग पर मूंगफली की खरीद के लिए सरकारी कांटा तक नहीं लगाया गया है। राजफैड के अधिकारी से एक केन्द्र पर महज 200 क्विंटल ही मूंगफली की खरीद का कारण पूछने पर वे बगलें झांकते नजर आए। बहुत कुरेदने पर बोले...यह महज ट्रायल है। सोमवार से खरीद बढ़ाकर 50 टोकन रोजाना कर देंगे।
औसतन एक लाख बोरी रोजाना
अभी अकेले बीकानेर अनाज मंडी में औसतन एक लाख बोरी रोजाना की बोली हो रही है। इसी तरह जिले की अन्य सभी मंडियों में भी दो लाख बोरी के करीब आवक हो रही है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा समेत देश के अन्य राज्यों से मूंगफली खरीद करने व्यापारी आ रहे हैं। एक तरफ व्यापारियों ने ज्यादा से ज्यादा मूंगफली खरीद के लिए डबल बोली की व्यवस्था कर रखी है। वहीं दूसरी तरफ सरकारी तंत्र की खरीद के लिए मुख्य अनाज मंडी श्रीगंगानगर मार्ग पर तो खरीद केन्द्र ही शुरू नहीं किया गया है। उसे पूगल रोड पर चल रहे खरीद केन्द्र के साथ ही शुरू किया गया है। एक ही पिड़ पर बीच में जाली लगाकर दो केन्द्र बनाकर औपचारिकता हो रही है।
यूं समझिए किसान का नुकसान
40 क्विंटल मूंगफली सरकार को बेचने पर किसान को मिलेंगे- 2 लाख 71 हजार 320 रुपए, 40 क्विंटल मूंगफली व्यापारी खरीदेगा, तो किसान को मिलेंगे- 1 लाख 91 हजार से 2 लाख 30 हजार रुपए। इस तरह 40 क्विंटल पर किसान को नुकसान- 40 हजार रुपए से लेकर 80 हजार रुपए तक।