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ACB की बड़ी स्ट्राइक: कनिष्ठ सहायक के घर मिला कुबेर का खजाना! 4 बंगले, 75 लाख कैश, 1 किलो सोना और 938% ज्यादा काली कमाई

ACB Trap: फलोदी जिले की ग्राम पंचायत उदट में तैनात एक कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) शुभकरण परिहार (छींपा) के ठिकानों पर जब एसीबी ने दबिश दी, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं।

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ACB Trap Pic

ACB Raid: राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने आज एक ऐसी बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जिसने सरकारी महकमों में हड़कंप मचा दिया है। फलोदी जिले की ग्राम पंचायत उदट में तैनात एक कनिष्ठ सहायक (Junior Assistant) शुभकरण परिहार (छींपा) के ठिकानों पर जब एसीबी ने दबिश दी, तो अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं।

आय से 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति!

एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ब्यूरो को गोपनीय शिकायत मिली थी कि शुभकरण ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए करोड़ों रुपये की काली कमाई की है। जब एसीबी ने गुप्त सत्यापन किया, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी ने अपनी वैध आय से 938 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित की है। इसी आधार पर न्यायालय से वारंट लेकर आज तड़के एक साथ 5 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

सर्च में क्या-क्या मिला? (खुलासे की लिस्ट)

एसीबी की टीमों ने बीकानेर शहर, गंगाशहर, पुनरासर और फलोदी स्थित ठिकानों पर छापेमारी की। अब तक की कार्रवाई में मिली संपत्तियों का ब्यौरा किसी फिल्मी कहानी जैसा है:

  • भारी भरकम कैश: बीकानेर स्थित आवास से करीब 75 लाख रुपये नकद बरामद हुए हैं।
  • सोना और चांदी: आरोपी के पास से 1 किलो से अधिक सोना और करीब 2 किलो चांदी मिली है।
  • आलीशान बंगले: बीकानेर शहर में 3 और गांव पुनरासर में 1, यानी कुल 4 आलीशान मकानों का मालिक निकला यह कनिष्ठ सहायक।
  • जमीन का साम्राज्य: आरोपी के नाम पर करीब 17 हेक्टेयर कृषि भूमि होने की भी पुष्टि हुई है।अलसुबह शुरू हुई कार्रवाई, मची खलबलीएसीबी रेंज बीकानेर के उपमहानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरविजन में विभिन्न टीमों ने एक साथ हमला बोला। बीकानेर के जयनारायण व्यास कॉलोनी और गंगाशहर स्थित ठिकानों पर फिलहाल तलाशी जारी है। ब्यूरो की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव ने बताया कि मामले में अभी और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।निष्कर्ष:एक मामूली पद पर तैनात कर्मचारी के पास मिली इस अथाह संपत्ति ने सिस्टम में फैले भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। एसीबी अब आरोपी के बैंक लॉकर और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है।