बीकानेर

Rajasthan News : राजस्थान सरकार को उसी के विभाग ने लगा डाला चूना, 1200 बीघा वन भूमि का कर डाला फर्जी आवंटन

उपनिवेशन बीकानेर ने वर्ष 1977 में चक 2 डीएलएम में कुल 1100 बीघा तथा चक 1 आरएसएम में कुल 1600 बीघा भूमि वन विभाग को आवंटित की। जिला कलक्टर बीकानेर ने चक 2 डीएलएम में वर्ष 1984 में 100 बीघा और भूमि वन विभाग को आवंटित कर दी।

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दिनेश कुमार स्वामी
Bikaner News : बीकानेर. छत्तरगढ़ तहसील में 6 हजार 125 बीघा सरकारी भूमि के फर्जी आवंटन का मामला खुलने के बाद अब वन भूमि को गैर कानूनी तरीके से फर्जी आवंटन कराने का बड़ा घोटाला पकड़ में आया है। राजस्थान पत्रिका के जुटाए साक्ष्य से इस गड़बड़ी की परतें दर परतें खुल रही हैं। इसमें भू-माफियाओं ने वनभूमि को भी नहीं बशा है। वन रेंज छत्तरगढ़ की 1200 बीघा भूमि राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण बदलकर अन्य के नाम कर दी गई। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से ठीक पहले सितंबर व अक्टूबर 2023 में गैर कानूनी तरीके से इसे अंजाम दिया गया। हैरानी की बात यह है कि कुछ ही दिनों में उपखण्ड से लेकर तहसील स्तर तक सारी प्रक्रिया भी पूरी कर दी गई।

राजस्व विभाग छत्तरगढ़ ने वन विभाग की जमीनों को अन्य लोगों के नाम इंतकाल भी चढ़ा दिए। भूमि वापसी के लिए कलक्टर को लिखा वन विभाग के डीएफओ ने जिला कलक्टर को पत्र भेजकर अवगत कराया कि वनभूमि का गैर क ानूनी तरीके से राजस्व तहसील छत्तरगढ़ की ओर से नामांतरण किया गया है। इस पत्र के साथ वनभूमि जिन लोगों के नाम चढ़ाई गई उनकी जानकारी दी है। साथ ही जिला कलक्टर से इस भूमि को वापस वन विभाग के नाम इंद्राज करवाने के लिए कहा है।

Rajasthan Samachar :यूं लूटा वन विभाग का खजाना
47 साल पहले वन विभाग को मिली भूमि : आयुक्त
उपनिवेशन बीकानेर ने वर्ष 1977 में चक 2 डीएलएम में कुल 1100 बीघा तथा चक 1 आरएसएम में कुल 1600 बीघा भूमि वन विभाग को आवंटित की। जिला कलक्टर बीकानेर ने चक 2 डीएलएम में वर्ष 1984 में 100 बीघा और भूमि वन विभाग को आवंटित कर दी।

Rajasthan Hindi News :7 माह पहले छीनी
ग्राम चक 1 आरएसएम पटवार मंडल लाखनसर भू. अ. नि. वृत्त खारबारा तहसील छत्तरगढ़ में वन विभाग के खाता संया 65 में से 90 बीघा वन भूमि को सीधे ही पांच खातेदारों को आवंटित कर उनके नाम इंतकाल दर्ज कर दिए गए। इसमें एसडीएम छत्तरगढ़ के 16 अक्टूबर 2023 के आदेश का हवाला दिया गया है। पांचों लाभार्थी लूणकरनसर तहसील के ढाणी पा ंडूसर के निवासी हैं।

8 माह पहले छीनी
ग्राम चक 2 डीएलएम पटवार मंडल रामनगर भू. अ. नि. वृत्त राणेर तहसील छतरगढ़ में वन विभाग की 270 बीघा वन भूमि को एसडीएम न्यायालय के 22 सितबर 2023 तथा 27 सितबर 2023 के आदेश का हवाला देकर राजस्व रिकॉर्ड में वन विभाग से हटाकर अराजीराज दर्ज कर दी।

भंडाफोड़ से बची
पत्रिका ने रिकॉर्ड खंगाला, तो पता चला कि चक 2 डीएलएम में वन विभाग की करीब 1082 बीघा वनभूमि को राजस्व रिकॉर्ड में अराजीराज दर्ज कर दिया गया है। भू-माफिया इन जमीनों को फर्जी तरीके से अपने नाम चढ़वाने की फिराक में थे। इसी बीच पत्रिका की खबरों पर छत्तरगढ़ का फर्जी भूमि आवंटन पत्र घोटाला खुल गया। ऐसे में यह जमीन अराजीराज ही बच गई। इस प्रकार कुल करीब 1200 बीघा वन भूमि को भ्रष्टाचार की बलि चढ़ा दिया गया। जिसकी वन विभाग को भनक तक नहीं लगने दी गई। रातों-रात नामांतरकरण बदल दिए गए हैं।

यह कहता है नियम
वन विभाग के नियमों को देखें, तो केंद्रीय कानून वन (संरक्षण) अधिनियम 1980 तथा सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पारित निर्णय दिनांक 12.12.1996 के अनुसार यह पूरी तरह गैर कानूनी है। इसमें किसी भी वन भूमि को बिना सर्वोच्च न्यायालय अथवा केंद्र सरकार की अनुमति के बिना राजस्व रिकॉर्ड में किसी अन्य के नामांतरित करने या गैर वानिकी प्रयोग में लेना वर्जित है। जबकि छत्तरगढ़ तहसील में भ्रष्टाचार के बलबूते पर भूमाफिया ने इन सभी नियम कानूनों को ताक पर रख कर वन भूमि का आवंटन करवा लिया।

और भी प्रकरण आ सकते हैं सामने
वन भूमि को फर्जी तरीके से आवंटित करने की आशंका होने पर इसका पता लगाने के लिए वन मंडल छत्तरगढ़ के वन अधिकारी योगेंद्र सिंह राठौड़ को कहा। करीब दो महीने से जानकारी जुटाने के लिए रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं। राठौड़ डेढ़ साल से वन विभाग छत्तरगढ़ में कार्यरत रहकर वन अपराध गतिविधियों को रोकने में विशेष भूमिका निभा रहे हैं। अंदेशा है कि वन भूमि को गैर तरीके से फर्जी आवंटन करने के और भी प्रकरण सामने आ सकते हैं। - वीरभद्र मिश्र, डीएफओ छत्तरगढ़

Updated on:
13 May 2024 03:45 pm
Published on:
13 May 2024 03:38 pm
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