पानी के जमा करवाने में उपभोक्ताओं के पसीने छूट रहे हैं। ई-मित्र केन्द्रों पर बिल जमा नहीं होने के कारण उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। बताया जाता है कि डाटा एन्ट्री नहीं होने के कारण बिल ई-मित्र केन्द्रों पर जमा नहीं हो रहे।
पानी के जमा करवाने में उपभोक्ताओं के पसीने छूट रहे हैं। ई-मित्र केन्द्रों पर बिल जमा नहीं होने के कारण उन्हें दर-दर भटकना पड़ रहा है। बताया जाता है कि डाटा एन्ट्री नहीं होने के कारण बिल ई-मित्र केन्द्रों पर जमा नहीं हो रहे।
हालांकि उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाने के लिए जलदाय विभाग ने अस्थाई बिल जमा करवाने के लिए व्यवस्था की है, लेकिन भीड़ के चलते विभाग की व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
अभिनव नागरिक अंकुर शुक्ला व अधिवक्ता हनुमान प्रसाद शर्मा ने इस संबंध में जिला प्रशासन एवं जलदाय विभाग के अधिकारियो को पानी के बिल जमा करवाने में आ रही समस्या को जल्द दूर करने के लिए लिखा है।
चार कमरे, एक किचन। दो पंखे और एक-एक फ्रीज-टीवी और घर का बिजली का बिल आया एक लाख रुपए। चौंकिए मत। यह हकीकत है। घर मालिक के बिजली का बिल देखकर होश उड़ गए हैं।
पीडि़त जोधपुर डिस्कॉम के उच्चाधिकारियों सहित जिला कलक्टर तक गुहार लगा चुका है लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
एमआर होटल के पीछे रहने वाले दामोदर पुत्र मोहनलाल का जून माह का बिजली का बिल 96 हजार 621 रुपए आया है एवं विलम्ब शुल्क सहित एक लाख 482 जमा कराना है।
दामोदर स्वयं पिछले करीब चार साल से बीमार है। मजदूरी के दौरान दो मंजिला छत से गिरने के बाद से वह काम नहीं कर पाता है। दामोदर के बेटे जयराज ने बताया कि अभी हाल ही में उसके घर का मीटर खराब हो गया तब बदलवाया था।
उस दरम्यिान जोधपुर डिस्कॉम के संबंधित कार्यालय से कोई बकाया नहीं होना बताया और मीटर बदल दिया। अब किसी मोहनलाल के नाम से 95 हजार 427 रुपए बकाया बता रहे हैं।
उसने बताया कि उसके दादाजी का नाम भी मोहनलाल है। साथ ही मोहल्ले में मोहनलाल दो और भी है। ऐसे में अब किसी मोहनलाल का बकाया राशि हमारे खाते में डाल दी कोई पता नहीं चल रहा है।
कोई न कोई राशि बकाया होगी जब ही बिल में आई है। फिर भी मैं इस प्रकरण की जांच करवाऊंगा। बिल में गलती से राशि जोड़ी गई है तो दुरुस्त करवाई जाएगी।
एसके गुप्ता, अधीक्षण अभियंता शहर वृत्त जोधपुर डिस्कॉम