मंगलवार को अलसुबह बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बरसात हुई, जो रुक-रुक कर दोपहर तक चलती रही। कभी रिमझिम, कभी तेज फुहारों के कारण दिनभर बादलों की चादर तनी रही और धूप केवल कुछ पलों के लिए ही झांकी।
सावन की रिमझिम इस बार बीकानेर को खूब रास आ रही है। मंगलवार को तड़के से शुरू हुई बारिश ने दिनभर शहर को तरबतर रखा। इस दौरान दो अलग-अलग दौर में 23 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम इतना सुहाना हो गया कि लोगों ने कूलर-एसी से राहत पाई और बाजारों में भी देर से रौनक लौटी। सावन मास की शुरुआत से ही बीकानेर में कभी हल्की फुहारें, तो कभी मध्यम बारिश का दौर जारी है। मंगलवार को अलसुबह बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बरसात हुई, जो रुक-रुक कर दोपहर तक चलती रही। कभी रिमझिम, कभी तेज फुहारों के कारण दिनभर बादलों की चादर तनी रही और धूप केवल कुछ पलों के लिए ही झांकी।
तापमान में गिरावट, मौसम हुआ राहत भरा
बारिश के असर से बीकानेर का अधिकतम तापमान सोमवार की तुलना में 5 डिग्री गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान हल्की बढ़त के साथ 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम में ठंडक घुलने के कारण लोगों ने राहत की सांस ली और उमस कम महसूस हुई।
गांव भी भीगे, बच्चों ने बारिश में स्कूल की राह पकड़ी
बारिश का असर ग्रामीण इलाकों में भी दिखा। महाजन और श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्रों में मध्यम बारिश दर्ज की गई। शहर में सुबह स्कूल जाने वाले बच्चे भीगते हुए निकले। वहीं बाजार खुलने में भी देरी हुई। नमकीन की दुकानों पर अच्छी ग्राहकी देखी गई।
अब तक 120.7 एमएम दर्ज
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 15 जुलाई तक बीकानेर में 120.7 एमएम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 77.2 एमएम रहता है। यानी इस बार 56% अधिक बारिश हो चुकी है।
अभी और बरसेंगे बादल, 16 जुलाई तक बना रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के मुताबिक, बीकानेर संभाग में आगामी तीन-चार दिन तक मध्यम से तेज बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान तापमान में और गिरावट आने की उम्मीद है। मानसून का असर फिलहाल थमता नहीं दिख रहा।