हेलमेट लगाने पर लोगों को ये यकीन हो जाता है कि कम से कम चालान नहीं लगेगा लेकिन ये सोच बदलने की जरूरत है क्योंकि कुछ हेलमेट ऐसे होते हैं जिन्हें लगाना और न लगाना एक बराबर होता है।
नई दिल्ली: सितंबर के शुरू होते ही नया मोटर वाहन एक्ट लागू हो चुका है और इसके लागू होते ही हर दिन भारी भरकम जुर्माने की खबर आ रही है। सबसे ज्यादा लोग हेलमेट न लगाने की वजह से पकड़े जा रहे है लेकिन आपको बता दें लोग चालान से बचने के लिए सस्ते और नकली हेलमेट खरीदते नजर आ रहे हैं आगर आप भी चालान से बचने के लिए ऐसा ही कोई हेलमेट खरीदने की सोच रहे हैं तो सावलधान हो जाएं क्योंकि ये हेलमेट आपको न तो सुरक्षा प्रदान करेंगे और न ही चालान से बचाएंगे।
दरअसल नए कानून के तहत मार्क वाले हेलमेट पहनने पर उतना ही चालान लगेगा जितना की बिना हेलमेट पहनने पर लगता है। आपको मालूम हो कि बिना हेलमेट टू-व्हीलर चलाने पर 1,000 रुपये का चालान कटेगा । दरअसल नकली हेलमेट बनाने में घटिया और हल्की क्वालिटी मटैरियल इस्तेमाल किया जाता है, वहीं इसमें लगा वाइजर (आगे का पारदर्शी हिस्सा) भी UV सुरक्षित नहीं होता । जबकि अच्छी क्वालिटी के ओरिजिनल हेलमेट में UV प्रोटेक्शन वाला वाइजर लगा होता है, जो धूप से आपकी आंखों को सुरक्षित रखता है, साथ ही आपके चेहरे को भी धूप से बचाता है।
तो अगर आप बिना isi मार्क वाला हेलमेट लगाने की सोच रहे हैं तो तुरंत इस विचार को छोड़कर अच्छी क्वालिटी का isi मार्क वाला हेलमेट खरीदें। सरकार के सुरक्षा मानकों के मुताबिक एक ISI मार्क वाले हेलमेट को बनाने में ही न्यूनतम लागत 450 रुपए आती है। अगर कोई आपको 450 रुपये से कम में हेलमेट बेच रहा है, तो समझ जाएं कि आप एक नकली हेलमेट खरीद रहे हैं।