बिलासपुर

रोज़मर्रा के खानपान में पाया जाने वाला यह पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, अगर सहीं वक्त पर नहीं समझे तो हो सकते हैं घातक परिणाम

यदि पीने के पानी को एल्यूमीनियम के बर्तन में रखा जाए तो पानी में एल्यूमीनियम की मात्रा बढ़ जाती है (aluminium vessels harmful)। इसलिए सेहत को सही रखना है तो एल्यूमीनियम के बर्तन से दूरी बनाएं। (boiling milk in aluminium vessel)

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रोज़मर्रा के खानपान में पाया जाने वाला यह पदार्थ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, अगर सहीं वक्त पर नहीं समझे तो हो सकते हैं घातक परिणाम

बिलासपुर. एल्यूमीनियम के बर्तनों का प्रयोग आज आम बात हो गई है। इसका अधिक से अधिक उपयोग किया जा रहा है। एल्यूमीनियम प्रकृति में भी बहुतायत से पाया जाता है। शीघ्र प्रतिक्रिया के गुण के कारण यह स्वतंत्र रूप से न मिलकर जटिल यौगिकों के रूप में प्रकृति में मिलता है। हवा में उपस्थित धूल के कणों में एल्यूमीनियम पाया जाता है। यह श्वांस मार्ग से शरीर में प्रवेश कर जाता है। यदि पीने के पानी को एल्यूमीनियम के बर्तन में रखा जाए तो पानी में एल्यूमीनियम की मात्रा बढ़ जाती है। इसलिए सेहत को सही रखना है तो एल्यूमीनियम के बर्तन से दूरी बनाएं। यह बातें सहायक प्राध्यापक गृहविज्ञान शासकीय राजमोहनी देवी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर सरगुजा डॉ.अलका जैन ने स्वास्थ्य के लिए एल्यूमीनियम को हानिकारक बताते हुए कही। (aluminium vessels for cooking)

एल्यूमीनियम के बर्तनों में प्रेशर कुकर, कढ़ाई, फ्राइग पैन, चाय बनाने के बर्तन, अक्सर एल्यूमीनियम के ही बने होते हैं। आज कल भोजन गर्म रखने के लिए यात्राओं में एल्यूमीनियम फाइल में खाना पैक किया जाता है। इन सबसे खाद्य पदार्थों में एल्यूमीनियम की मात्रा बढ़ जाती है। मिठाइयों के वर्क भी एल्यूमीनियम से बनाए जाते हैं। दर्द निवारक दवाइयां, दस्त रोकने वाली दवाइयों में भी एल्यूमीनियम पाया जाता है। एल्यूमीनियम पानी, भोजन, दवाइयों से शरीर में प्रवेश करता है। छोटी आंत के द्वारा अवशोषित होता है। मूत्र के द्वारा उत्सर्जित किया जाता है। यदि एल्यूमीनियम का प्रवेश शरीर में अधिक होता है तो गुर्दों से संबंधित बीमारी होती है। (aluminium vessels good or bad)

मस्तिष्क प्रभावित होने का कारण भी है
डॉ.अलका जैन ने बताया कि अधिक उम्र के लोगों में मस्तिष्क प्रभावित होने से संवेगात्मक अस्थिरता, मानसिक शक्तियों में कभी, छोटे से छोटे काम में दिमाग का सही प्रयोग न कर पाना, लचीलेपन का अभाव आदि लक्षण देखे जाते हैं। शिशुओं में एल्यूमीनियम की विषाक्तता मास्तिष्क के विकास को रोक देती है। एल्यूमीनियम की विषाक्तता उन्माद की स्थिति का एक महत्वपूर्ण कारण है। हमें इससे बचना चाहिए। (is it bad to use aluminum cookware?)

विषाक्तता से बचने के उपाय
जहां तक हो सके एल्यूमीनियम के बर्तनों का उपयोग न करें। एल्यूमीनियम के बर्तनों में खाना और पानी न रखें। यदि एल्यूमीनियम के बर्तन में खाना और पानी न रखे। यदि एल्यूमीनियम के बर्तन में खाना पका रहे हों तो खाना बनते ही उसे अन्य धातु के बर्तन में स्थानांतरित करें। शिशुओं को डिब्बा बंद आहार या कृत्रिम दूध न दें। ये एल्यूमीनियम के महत्वपूर्ण स्रोत हंै। वर्क लगी मिठाई न लें। एल्यूमीनियम फाइल में खाना न रखें। (cooking in aluminium vessel)

Published on:
12 Jul 2019 04:07 pm
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