बिलासपुर

बिलासपुर में निगम की सख्ती! अवैध प्लॉटिंग पर पर चला बुलडोजर, 30 बाउंड्रीवाल-50 निर्माण ध्वस्त…

Illegal Plotting Action: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खमतराई क्षेत्र की शिवा विहार कॉलोनी में बुलडोजर चलाया।

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बिलासपुर में निगम की सख्ती! अवैध प्लॉटिंग पर पर चला बुलडोजर, 30 बाउंड्रीवाल-50 निर्माण ध्वस्त...(photo-patrika)

Illegal Plotting Action: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खमतराई क्षेत्र की शिवा विहार कॉलोनी में बुलडोजर चलाया। करीब 50 एकड़ जमीन पर बिना अनुमति प्लॉट काटे जाने की शिकायत पर निगम की टीम मौके पर पहुंची और व्यापक तोड़फोड़ की कार्रवाई की।

Illegal Plotting Action: जेसीबी से ध्वस्त किए गए निर्माण

नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर भवन शाखा की टीम ने कार्रवाई करते हुए 30 से अधिक बाउंड्रीवाल, अवैध रूप से बनाई गई सीसी सड़कें और प्लिंथ लेवल तक बने करीब 50 निर्माणों को जेसीबी से ढहा दिया। जांच में पाया गया कि जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर प्लॉट तैयार किए जा रहे थे और निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका था।

18 मकानों को नहीं तोड़ा गया

कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए उन 18 मकानों को नहीं तोड़ा, जहां वर्तमान में लोग निवास कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इन मामलों में जल्दबाजी में तोड़फोड़ करने के बजाय विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसके तहत संबंधित मकान मालिकों को नोटिस जारी कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और कानून के दायरे में रहते हुए समाधान निकाला जा सके।

भूमाफियाओं की चालाकी आई सामने

जांच में यह भी सामने आया कि भूमाफियाओं ने बेहद चालाकी से काम करते हुए किसानों से जमीन खरीदकर उसे अपने नाम पर रजिस्ट्री कराने के बजाय सीधे खरीदारों के नाम पर रजिस्ट्री कराई। इस वजह से मौके पर किसी भी डेवलपर या भूमाफिया का स्पष्ट दस्तावेज नहीं मिल सका। नगर निगम के अनुसार, इस क्षेत्र में पहले भी अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद गतिविधियां जारी थीं। इस बार निगम ने सख्ती दिखाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई की है।

25 खसरा नंबरों की जमीन पर 300 से ज्यादा प्लॉट

राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, शिवा विहार में 25 से अधिक खसरा नंबरों की जमीन का बटांकन कर सैकड़ों छोटे प्लॉट बनाए गए। खसरा नंबर 256/1 से 421/2 तक की जमीन को कई हिस्सों में बांटकर 8, 10, 12, 18, 24 और 32 भागों में विभाजित किया गया।

अनुमान है कि इस क्षेत्र में 300 से अधिक प्लॉट तैयार किए गए थे। प्लॉट बेचने के लिए मौके पर सड़क, बाउंड्रीवाल और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण भी किया गया था, जबकि इसके लिए नगर निगम या टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई थी।

Published on:
31 Mar 2026 05:22 pm
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