Sachin Tendulkar family in CG: सचिन तेंदुलकर का परिवार बिलासपुर दौरे पर रहे। इस दौरान अंजलि -सारा अचानकमार के गांवों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान ग्रामीणों का सुख-दुख जाना
Sachin Tendulkar family in CG: क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के परिवार का बिलासपुर दौरा भले ही पूरी तरह गोपनीय रहा, लेकिन वनांचल के ग्रामीणों के दिलों पर इसकी अमिट छाप छूट गई। सचिन की पत्नी अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सान्या चंडोक ने शहर की चकाचौंध से दूर छत्तीसगढ़ के ग्रामीण परिवेश और स्वास्थ्य सुविधाओं की जमीनी हकीकत को करीब से महसूस किया।
तेंदुलकर परिवार की यह यात्रा मंगलवार को गनियारी स्थित जन स्वास्थ्य केंद्र से शुरू हुई। अगले दिन यह दल अचानकमार टाइगर रिजर्व के वनांचल क्षेत्र में स्थित छपरवा और बम्हनी गांव पहुंचा। यहां तीनों ने किसी वीआईपी प्रोटोकॉल के बजाय एक सामान्य पर्यटक की तरह पैदल भ्रमण किया। ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलते हुए उन्होंने ग्रामीणों के रहन-सहन और उनकी रोजमर्रा की चुनौतियों को समझा।
गांव की गलियों में जब तेंदुलकर परिवार पहुंचा, तो नजारा बेहद आत्मीय था। सारा तेंदुलकर ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर बातें कीं और उन्हें खिलौने बांटे। एक ग्रामीण घर में उन्होंने नवजात शिशु को गोद में लेकर दुलार किया, जिसे देख ग्रामीण महिलाएं भावुक हो गईं। स्थानीय सरपंच और ग्रामीणों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका पारंपरिक स्वागत किया और क्षेत्र की समस्याओं से भी अवगत कराया।
यह दौरा मुख्य रूप से सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन की सामाजिक गतिविधियों से प्रेरित था। अंजलि और सारा ने गनियारी जन स्वास्थ्य केंद्र में फुलवारी कार्यक्रम और बालवाड़ी केंद्रों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ बैठक कर बच्चों के पोषण स्तर, प्राथमिक शिक्षा और टीकाकरण की स्थिति पर लंबी चर्चा की। फाउंडेशन का उद्देश्य इन वनांचल क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करना है।
प्रशासन ने इस दौरे को इतना गुप्त रखा कि स्थानीय मीडिया को भी इसकी कानों-कान खबर नहीं हुई। सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे, लेकिन कहीं भी शोर-शराबा नहीं होने दिया गया। इस यात्रा का खुलासा तब हुआ जब सारा तेंदुलकर ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वनांचल की खूबसूरत तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने बच्चों और फुलवारी केंद्र की झलकियों के साथ हैप्पी वर्ल्ड हेल्थ डे लिखकर इस दौरे के पीछे के सेवा भाव को दुनिया के सामने रखा।