प्रसव पीड़ा होने पर दिलकुमारी के परिजन उसे महतारी एक्सप्रेस 102 में लेकर गुरुवार 3.30 बजे में सिम्स पहुंचे थे।
बिलासपुर . सिम्स में डिलेवरी के लिए भर्ती एक महिला के साथ डॉक्टरों ने अमानवीय तरीके से व्यवहार किया। प्रसूता की गलती सिर्फ ये, कि वह प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार की रात 3 बजे सिम्स के गायनिक विभाग में पहुंच गई। यहां डिलेवरी के पहले पुरुष डॉक्टर ने गाली गलौज करते हुए प्रसूता के बाल पकड़कर तीन-चार थप्पड़ जड़ दिए। पीडि़ता द्वारा इस घटना की शिकायत सिम्स के डीन डॉ. पीके पात्रा, अधीक्षक डॉ. रमणेश मूर्ति के अलावा नगरीय निकाय मंत्री अमर अग्रवाल, बेलतरा विधायक बद्रीधर दीवान सहित पुलिस महारीनिरीक्षक से की गई है। मामले की जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। पीडि़त महिला दिलकुमार पति प्रकाश कैवर्त (22) सरकंडा वार्ड क्रमांक 51 में रपटा चौक के पास मोटवानी कॉम्प्लेक्स के पीछे रहती है। प्रसव पीड़ा होने पर दिलकुमारी के परिजन उसे महतारी एक्सप्रेस 102 में लेकर गुरुवार 3.30 बजे में सिम्स पहुंचे थे। उसे गायनिक विभाग में भर्ती किया गया। दर्द अधिक होने के कारण पीडि़ता जोर-जोर से चिल्ला रही थी। इस पर सिम्स स्टाफ के लोग गंदी गंदी गालियां देने लगे। पीडि़ता यह सोच कर खामोश रह गई कि विरोध करने पर उसका इलाज ठीक से नहीं हो पाएगा। पीडि़ता ने बताया कि थोड़ी देर बाद एक पुरुष डॉक्टर पहुंचे, और मुझे गाली देकर ये कहने लगे कि आधी रात को क्यों आ गई। सोने तक नहीं मिलता। ऐसा कहते हुए डॉक्टर ने बाल पकड़कर जोर से खींचते हुए मुझे उठाया। फिर गाली गलौज करते हुए कहा, तुम लोगों को रात में ही दर्द उठता है। ऐसा कहते हुए तीन-चार झापड़ मारा।
300 रुपए देने के बाद मिला बेड : दिलकुमारी ने शिकायत में लिखा है, मैं जमीन पर थी। अस्पताल के स्टाफ से बेड की मांग की, तो डांट डपट कर चुप करा दे रहे थे। एक स्टाफ को मेरी सास 300 सौ रुपए दिए, तब जाकर मुझे बिस्तर दिया गया।