घटना गुरुवार रात चकरभाठा के वार्ड 7 स्थित 70 खोली में हुई।
बिलासपुर. रात में सोते समय चकरभाठा निवासी युवक ने अपनी पत्नी और दो बच्चों की गला रेतकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया था, जिसे रात में पुलिस ने हिरासत में ले लिया। घटना गुरुवार रात चकरभाठा के वार्ड 7 स्थित 70 खोली में हुई। चकरभाठा पुलिस के अनुसार, चकरभाठा निवासी नूर खान पिता चांद खान होमगार्ड के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उनके दो बेटे अमजद खान, अशरफ खान और एक बेटी है। अमजद व अशरफ घर में ही अलग-अलग ब्लॉक में रहते हैं। नूर खान और उनकी पत्नी जुबैदा बेगम अलग ब्लॉक में रहते हैं। नूर खान के दोनों बेटे मनिहारी ठेला चलाते हैं। नूर खान और उनकी पत्नी दिन में छोटे बेटे अशरफ के घर और रात का खाना बड़े बेटे अमजद के साथ खाते हैं। गुरुवार रात नूर खान ने बड़े बेटे अमजद, बहू शरीफा बेगम, पोती अंलुम निशा (11) और पोते आफताब (7) के साथ भोजन किया। इसके बाद अपने कमरे में सोने चले गए। शुक्रवार सुबह 7 बजे वे सोकर उठे तो अमजद के कमरे का दरवाजा खुला था। कमरे में हलचल नहीं होने पर उन्होंने कमरे के पास जाकर बेटे-बहू को आवाज लगाई। अंदर से जवाब नहीं मिलने पर वे कमरे में गए, जहां बिस्तर पर तीनों लेटे थे और ऊपर से चादर ढकी हुई थी। नूर खान ने चादर हटाई तो रोंगटे खड़े हो गए। बहू शरीफा बेगम, पोती अंजुम निशा और पोते आफताब की लाशें खून ले लथपथ बिस्तर पर पड़ी थीं। तीनों के गले में धारदार हथियार से हमले के निशान थे। कमरे में उनका बेटा अमजद नहीं था। उन्होंने घटना की सूचना पत्नी, छोटे बेटे और पुलिस को दी।
रात में दादा-दादी के साथ सोती तो बच जाती अंजुम की जान : पुलिस ने अनुसार, आफताब की बेटी अंजुम निशा अपने दादा-दादी के साथ सोती थी। गुरुवार रात अमजद ने उसे रोक लिया और अपने साथ सुला लिया था। अंजुम दादा-दादी के साथ सोने चली जाती तो उसकी जान बच जाती।
खून लगी खुखरी छोड़कर भागा आरोपी : फिंगर प्रिंट व एफएसएल एक्सपर्ट के साथ मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच की। कमरे से खून से लथपथ खुखरी मिली। नूर खान का बड़ा बेटा घर पर नहीं था। पुलिस अनुमान लगा रही है कि आरोपी घटना को अंजाम देने के बाद हथियार घर में छोड़कर फरार हो गया।
पढ़ाई में होशियार थी अंजुम निशा : मृतका अंजुम निशा और आफताब घर के पास स्थित गुरुकुल हायर सेकेण्डरी स्कूल में पढ़ते थे। स्कूल के प्रचार्य कमलेश कुमार पटेल ने बताया कि अंजुम निशा कक्षा छठवीं और आफताब कक्षा चौथी का छात्र था। आफताब पढ़ाई में थोड़ा कमजोर था, लेकिन अंजुम निशा पढ़ाई में होशियार थी।
कई बार किया गर्दन पर वार : एफएसएल एक्सपर्ट और पुलिस ने मौके का मुअयाना किया। मृतका शरीफा बेगम और दोनों बच्चों के गले पर धारदार हथियार से कई के निशान मिले। पुलिस अनुमान लगा रही है कि आरोपी ने उनका मुंह दबाकर कई बार गले में वार कर उन्हें मौत के घाट उतारा होगा।
दादा की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की एफआईआर : घटना के बाद मृतका अंजुम निशा व आफताब के दादा नूर खान पिता चांद खान ने घटना की शिकायत थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने अमजद के खिलाफ धारा 302 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
रात में मिला सुराग : पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भेजा। आरोपी का सुराग लगाने परिजनों व रिश्तेदारों से जानकारी ली। रात में आरोपी बेहोशी की हालत में पुलिस को मिला।
तिहरे हत्याकांड से परिजन भी अनभिज्ञ : घटना के कारण का पता लगाने पुलिस ने मृतकों के परिजनों से पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि गुरुवार को रात तक आरोपी का पत्नी से कोई विवाद नहीं हुआ। मृतक शांत स्वभाव का था। दिनभर फेरी लगाने के बाद शाम को वह मोहल्ले में घूमता फिरता रहता था। गुरुवार रात सभी अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। रात में किसी तरह विवाद होने की आवाज भी उन्होंने नहीं सुनी।
खुदकुशी करने आरोपी ने पी लिया तारपीन तेल, सब्जी मार्केट में मिला बेहोश : पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी। इस बीच रात साढ़े 8 बजे चकरभाठा सब्जी मार्केट के पास आरोपी बेहोशी की हालत में मिला। उसे उपचार के लिए पुलिस बिल्हा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लेकर गई। होश आने पर उसने दोपहर में तारपीन तेल पीने का खुलासा किया। बिल्हा से डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। देर रात पुलिस आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल ले गई।