
पानी जीवन का आधार है। यह भी ध्यान रखेें कि पानी प्राणदायी भी है और प्राणहारी भी। मानव शरीर की हर क्रिया पानी से ही चलती है। शरीर मे जाने वाली हर चीज और उत्सर्जित होने वाली गंदगी भी पानी का कोई रूप है। यदि शरीर को स्वस्थ रखना है तो शरीर में हर पल जमा होने वाले तरल को निकालना जरूरी है। यह शरीर का डिटॉक्सीफिकेशन या उसे विषरहित करने की प्रक्रिया है। इसके लिए कई उपाय और विधियां हैं लेकिन सबसे अच्छा है कि हम रोजमर्रा के जीवन में ऐसे उपाय करें कि तरल जमा न होने पाए। आइए जानते हैं ऐसे कुछ उपायों के बारे में :-
नमकीन की मात्रा घटाएं
ऐसी चीजें खाने से बचें जिनमें नमक यानी सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। तली-गली और प्रोसेस्ड चीजें न खाएं क्योंकि इनमें कई तरह के सॉल्ट होते हैं।
पर्याप्त पानी
आप यदि दिनभर में पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो शरीर खुद ही पानी जमा करने लगता है। इसलिए कम से कम 8 गिलास पानी रोज पिएं।
ग्रीन टी पिएं
दूध वाली चाय की बजाय बिना शक्कर की ग्रीन टी पिएं। इससे शरीर में मौजूद अतिरिक्त तरल पदार्थ कम होता है। लेकिन इसके प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
जड़ी-बूटियां, मसालों की चाय
दालचीनी, तुलसी, अदरक जैसी चीजों से बनी चाय भी शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद होने के साथ तरल की मात्रा को घटाकर संतुलन बनाती है।
फल एवं सब्जियां
हर मौसम में ऐसे फल व सब्जियां मिलती हैं जो शरीर की सफाई के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। खीरा, ककड़ी, लौकी, तुरई आदि को आहार में शामिल करके शरीर के हानिकारक तरल को दूर किया जा सकता है।
कैल्शियम-मैगनीशियम
अपने आहार में दो जरूरी खनिज तत्वों कैल्शियम और मैगनीशियम से आप न केवल हानिकारक तरल से बच सकते हैं बल्कि हड्डियों व मांसपेशियों की कई समस्याओं से निजात पा सकते हैं। पूरे 24 घंटों में 1200 मिलिग्राम कैल्शियम और 400 मिलिग्राम मैगनीशियम पर्याप्त होता है।
व्यायाम जो पसीना निकाले
बिना हाथ-पैरों को कष्ट दिए शरीर में जमा अतिरिक्त तरल को निकालना संभव नहीं, इसलिए ऐसी दिनचर्या बनाएं जिसमें कोई एक एक्सरसाइज ऐसी हो जो रोज पसीना निकाले। कम से कम 12 मिनट और ज्यादा से ज्यादा 45 मिनट रोज एक्सरसाइज जरूरी है।
खुद पर रखें कंट्रोल
यह सबसे जरूरी उपाय है। आदतें चाहे खाने-पीने की हों या व्यवहार से जुड़ी, उन पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। अपने काम, तनाव और पारिवारिक जीवन में संतुलन बनाने की हर संभव कोशिश करने से तन व मन दोनों में गंदगी जमा होने से रोकी जा सकती है।