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ये 5 अच्छी आदतें अपनाएं आैर सेहत बनाएं

आजकल की भागदाैड़ भरी जिंदगी अाैर कुछ खराब आदताें की वजह से हम अपनी सेहत काे नुकसान पहुंचा रहे हैं

2 min read
Jul 06, 2019
healthy life style
ये 5 अच्छी आदतें अपनाएं आैर सेहत बनाएं

सेहतमंद रहना हर किसी की चाहत हाेती है। लेकिन आजकल की भागदाैड़ भरी जिंदगी अाैर कुछ खराब आदताें की वजह से हम अपनी सेहत काे नुकसान पहुंचा रहे हैं। एेसे में कुछ समय निकाल कर अच्छी आदताें काे अपनाया जाए ताे हम सेहतमंद रह सकते हैं। आइए जानते है काैन सी अच्छी आदत अपनाएं आैर किन बुरी आदताें से दूर बना लें :-

गुड हैबिट्स को कहें हैलो
हैल्दी डाइट व दिनचर्या से फिट
समय पर सोने-उठने की आदत डालें। डाइट में रोजाना हरी सब्जियां, अंकुरित अनाज और एक फल (सेब, संतरा या केला) लें। इनसे इम्यूनिटी बढ़ेगी। मौसम कोई भी हो रोज 8-10 गिलास पानी जरूर पीएं।

संगीत के सुरों से अवसाद की छुट्टी
संगीत के सात सुरों का मन व शरीर पर विशेष प्रभाव पड़ता है। जानकारों के अनुसार राग शिवरंजनी सुनने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। तनाव, चिंता व अवसाद से होने वाले रोगों का इलाज भी संगीत से संभव है।

45 मिनट की वॉक रखती सेहतमंद
चिकित्सकाें के अनुसार रोजाना 45 मिनट की वॉक या व्यायाम डायबिटीज, हृदय रोग, अधिक वजन, भूलने की समस्या जैसे कई रोगों से बचाकर शरीर को एक्टिव रखती है। हरियाली के बीच सुबह योग कर सकते हैं।

आध्यात्मिक बनें, खुश रहें
अमरीका की मिसौरी यूनिवर्सिटी के शोध के अनुसार मनोरोग व अनास्था का गहरा संबंध है। ईश्वर को मानने वाले विषम परिस्थितियों में धैर्य रखने में सक्षम होते हैं। इन्हें गुस्सा कम आता है और हाई बीपी व हृदय रोगों से बचाव होता है।

सकारात्मक सोच से दूर रहते मनोरोग
टेक्सास विश्वविद्यालय (अमरीका) में हुए एक शोध के अनुसार सकारात्मक सोच रखने वालों पर उम्र का असर कम होता है। आशावादी लोगों में मानसिक रोग होने का खतरा कम होने के साथ कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होती है।

बैड हैबिट्स को कहें बाय
अधिक एंटीबायोटिक व पेनकिलर न लें
डॉक्टरी सलाह के बिना एंटीबायोटिक व पेनकिलर लेना गलत है। हाल ही डब्ल्यूएचओ ने निर्देश जारी कर बताया कि ऐसा करने से बैक्टीरिया दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं जिससे इलाज में बाधा आती है।

मोबाइल व इंटरनेट के न बनें गुलाम
इंटरनेट व इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स की लत बुरी होती है। इनका अधिक प्रयोग खासकर देर रात तक करना खतरनाक है। यह नींद व याददाश्त प्रभावित करने के साथ आंखों में दर्द व सर्वाइकल पेन का कारण बनते हैं।

नींद से समझौता भी कैंसर की वजह
स्वस्थ व्यक्ति के लिए 6-7 घंटे की नींद जरूरी है। चीन की होजहोंग यूनिवर्सिटी में हुए शोध के अनुसार नींद पूरी न होने से कैंसर के अलावा मानसिक, पेट और हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है। रात 9-11 बजे के बीच सो जाना चाहिए।

धूम्रपान को कहें न, हृदय रोगों से बचें
80 प्रतिशत फेफड़ोंं के कैंसर की वजह धूम्रपान है। यह मुंंह, गले व ब्लैडर के कैंसर के अलावा हार्ट अटैक, स्ट्रोक, हाई बीपी का खतरा भी बढ़ाता है। धूम्रपान से याददाश्त को भी नुकसान पहुंचता है।

अतिरिक्त नमक व फास्टफूड से दूरी
डाइट में फास्टफूड जैसे बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राई और भोजन में ऊपर से अतिरिक्त नमक डालना नुकसानदायक है। ये हृदय रोगों, मोटापा, धमनियों में सूजन, थकान आदि का कारण बनते हैं।

Published on:
06 Jul 2019 03:57 pm