
धूप में तेजी और तपन किसी अंग विशेष के लिए परेशानी न बनकर पूरे शरीर को नुकसान पहुंचाती है। फिर चाहे यह सुस्ती के रूप में हो या थकान, जी मिचलाना, शारीरिक और मानसिक तनाव आदि। ऐसे में अच्छी डाइट लेने के साथ कुछ वर्कआउट को भी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है-
वर्टिकल लैग क्ंरच -
इससे शरीर लचीला बनता है। पैरों का तनाव दूर होकर रक्तसंचार बेहतर होता है।
ऐसे करें: पीठ के बल समतल जमीन पर लेटकर पैरों को एक के बाद एक ऊपर उठाएं। इस दौरान शरीर का कोण 90 डिग्री का बनेगा। साथ ही सीने से पैरों को छूने की कोशिश करें। हथेलियों को आपस में मिलाकर सिर के नीचे सपोर्ट देते हुए लगाएं। क्षमतानुसार पैरों को ऊपर की ओर रखने के बाद पैरों को नीचे लाकर सीधे लेट जाएं। इसे 3-4 बार दोहराएं।
ध्यान रखें: गर्दन-कमरदर्द है तो इसे न करें। पैरों या घुटने में हाल ही कोई सर्जरी हुई है तो भी न करें।
लॉन्ग आर्म क्रंच-
कमर को रिलैक्स रखने के साथ ही इससे हाथ-पैर की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है।
ऐसे करें: जमीन पर सीधे लेट जाएं। इसके बाद हथेलियों को आपस में मिलाकर सिर के पीछे मुट्ठि बनाकर ले जाएं। इस दौरान पैरों को सीधे या हल्के से घुटने मोड़कर पैरों को स्थिर करें। फिर मुट्ठि बनाकर हाथों से शरीर को पीछे की ओर खींचने और साथ ही शरीर के ऊपरी हिस्से को जमीन से थोड़ा ऊपर उठाने का प्रयास करें।
ध्यान रखें: कंधे और कूल्हों में कोई समस्या है तो न करें।
एब्स वर्कआउट-
शरीर को ऊर्जावान बनाने और स्फूर्ति लाने में लेटकर की जाने वाली साइक्लिंग काफी मददगार है।
ऐसे करें: जमीन पर लेटकर बॉडी को रिलैक्स करें। इसके बाद हथेलियों को आपस में मिलाकर सिर के नीचे लगाकर सपोर्ट दें और सिर को थोड़ा ऊपर उठाएं। घुटने से मोड़ते हुए पैरों को सीने पर लगाएं और साइकिल चलाने की कोशिश करें। ऐसा दोनों पैरों से करें। थकान महसूस होने पर न करें।
ध्यान रखें : कमर, गर्दन, घुटने या कंधे में परेशानी है तो इस अभ्यास को न दोहराएं।
इस अभ्यास को करने के तुरंत बाद पानी न पीएं।